दैनिक भास्कर हिंदी: मंहगी टिकिट और ज्यादा समय लगने से बंद हो गई जबलपुर खजुराहो सुपरफास्ट 

January 20th, 2020

डिजिटल डेस्क जबलपुर । देश के प्रसिद्ध दो पर्यटन स्थलों खजुराहो और जबलपुर के बीच बीते वर्ष दिसम्बर में शुरू की गई जबलपुर-खजुराहो -साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन आखिरकार बंद हो गई। रेल प्रशासन ने जबलपुर से 19 दिसम्बर से 16 जनवरी तक जबलपुर-खजुराहो सुपरफास्ट एक्सप्रेस को और वापसी में खजुराहो-जबलपुर एक्सप्रेस को 20 दिसम्बर से 17 जनवरी तक चलाने की योजना यह सोचकर बनाई थी कि ट्रेन को यात्रियों का भरपूर समर्थन मिलने के बाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस को एक्सटेंशन देकर आगे जारी रखेंगे, लेकिन जबलपुर-खजुराहो सुपरफास्ट एक्सप्रेस कब शुरू हुई और कब बंद हो गई, यात्रियों को पता ही नहीं चला। रेलवे से जुड़े यात्रियों का कहना है िक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से शुरू की गई जबलपुर-खजुराहो सुपरफास्ट एक्सप्रेस का प्रचार-प्रसार इतना कमजोर रहा कि खजुराहो जाकर पर्यटन स्थल घूमने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को स्पेशल ट्रेन की सही जानकारी ही नहीं मिल सकी, जिसकी वजह से जबलपुर-खजुराहो एक्सप्रेस को उतना समर्थन नहीं मिल पाया, जितना मिलना चाहिए था। सबसे खास बात यह है  कि दमोह, कटनी और सागर जाने वाले यात्रियों ने भी जबलपुर-खजुराहो ट्रेन के किराए और टाइम को पसंद नहीं किया। अगर किराया और यात्रा का समय कम होता तो स्पेशल ट्रेन को लोकल ट्रैफिक मिलने की उम्मीद बँध सकती थी, जो जबलपुर-खजुराहो एक्सप्रेस को लगातार चलाने के लिए संजीवनी का काम कर सकता था, लेकिन ऐसा न हो पाने से रेलवे की योजना फेल हो गई। 
महँगा किराया, ज्यादा समय लगने से यात्री नहीं आए 
रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है िक जबलपुर-खजुराहो सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बंद होने का सबसे बड़ा कारण ट्रेन को स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाने का है, जिसकी वजह से ट्रेन का किराया इतना ज्यादा रखा गया कि यात्रियों की जेबों पर किराया भारी पडऩे लगा। वहीं दूसरा कारण खजुराहो तक पहुँचने में लगने वाला ज्यादा समय है, जो यात्रियों को टाइम वेस्ट लगा। यात्रियों का कहना है िक सड़क मार्ग से जबलपुर से एसी बस के जरिए खजुराहो 5 घंटे में 300 रुपए किराया देकर आसानी से पहुँचा जा सकता है, जबकि स्पेशल ट्रेन का किराया हजारों में है और जबलपुर से खजुराहो पहुुँचने में 10 घंटे का समय लग रहा है, जिससे यात्रियों का दोहरा नुकसान है, इसलिए यात्रियों ने ज्यादा किराया और ज्यादा समय लगने की समस्या को देखते हुए जबलपुर-खजुराहो सुपरफास्ट एक्सप्रेस को नकार दिया, जिसके कारण रेल प्रशासन को यात्रियों की कमी को देखते हुए स्पेशल ट्रेन को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 
ट्रेन को बंद करने का निर्णय कहीं जल्दबाजी में तो नहीं लिया गया 
जानकारों का कहना है कि रेल प्रशासन ने नए साल के पहले जबलपुर-खजुराहो एक्सप्रेस को चलाने का निर्णय यह सोच कर लिया था कि सर्दियों की छुट्टियों में पर्यटक दोनों पर्यटन स्थलों को निहारने के लिए आएँगे, लेकिन सर्दी के मौसम में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण रेल प्रशासन की योजना फेल हो गई, ऐसे में स्पेशल ट्रेन को जल्दबाजी में बंद करने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों का कहना है  कि अगर दो-तीन महीने जबलपुर-खजुराहो स्पेशल को चलाया जाता तो मार्च के बाद गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेन को यात्रियों का भरपूर समर्थन मिलने की उम्मीद थी। यात्री खजुराहो जाने को इच्छुक थे, उन्हें सही समय आने का इंतजार था, लेकिन उसके पहले ही जल्दबाजी में रेल प्रशासन ने जबलपुर-खजुराहो सुपरफास्ट एक्सप्रेस को बंद कर दिया।