दैनिक भास्कर हिंदी: ग्राम पंचायत चुनाव रिजल्ट : दिग्गजों को झटका, सीएम के गोद लिए गांव में बीजेपी की हार

October 17th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई/नागपुर। महाराष्ट्र में हुए ग्राम पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में भाजपा के दिग्गजों को झटका लगा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तरफ से गोद लिए फेटरी गांव और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा गोद लिए सुरादेवी गांव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। सांगली के तासगांव तहसील में भाजपा सांसद संजय पाटील को झटका लगा है। हालांकि मंगलवार को ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने नंबर वन होने का दावा किया है। गौरतलब है कि सरपंच चुनाव में राजनीतिक दलों की ओर से अधिकृत तौर पर उम्मीदवार नहीं उतारे गए थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहब दानवे ने कहा कि पार्टी को दूसरे चरण में भी स्पष्ट बढ़त मिली है। भाजपा के एक हजार से ज्यादा सरपंच चुने गए हैं। दानवे ने कहा कि पूरे चुनाव नतीजे आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। दानवे ने कहा कि कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर में भाजपा ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। तीनों जिलों में भाजपा एक नंबर पर है। सातारा व पुणे जिले की कई ग्राम पंचायतों में भाजपा ने जीत हासिल की है। 

अधिकांश ग्राम पंचायतों पर कांग्रेस का कब्जा: चव्हाण

दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि दूसरे चरण में अधिकांश ग्राम पंचायतों में कांग्रेसी विचारधारा के उम्मीदवारों की जीत हुई है। भाजपा सरकार की असफलता को छूपाने के लिए गलत आंकडे पेश कर रही है। चव्हाण ने कहा कि अमरावती में 150 ग्राम पंचायतों पर जीत का दावा भाजपा ने किया है लेकिन भाजपा केवल 36 ग्राम पंचायतों पर जीत हासिल की है। यहां कांग्रेस 140 ग्राम पंचायतों पर विजयी हुई है। चव्हाण ने बताया कि चंद्रपुर में 52 में से 27, अमरावती में 249 में 140, सांगली में 452 में से 139, पुणे में 221 में से 77 ग्रामपंचायत में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। 

सरपंच सम्मेलन से साफ होगी स्थिति

इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि अगले महीने भाजपा के सरपंचों का सम्मेलन बुलाया जाएगा। इसमें भाजपा की ताकत का सभी को पता लग जाएगा। 

किन्नर बना सरपंच

सोलापुर के तरंगफल में सरपंद पद पर किन्नर जानेश्वर कांबले ऊर्फ माउली ने चुनाव जीता है। सिंधुदुर्ग में महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष के अध्यक्ष नारायण राणे के समर्थ विकास पैनल ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अमरावती के चांदूर बाजार में निर्दलीय विधायक बच्चू कडू ने वर्चस्व कायम किया है।

विदर्भ में चुनाव परिणाम

नागपुर जिले के 238 ग्रामपंचायतों के सरपंच पद के चुनाव में अनेक जगहों पर भाजपा को करारी हार झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दत्तक गांव फेटरी ग्राम पंचायत में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस का समर्थित उम्मीदवार धमश्री मुकेश ढोमणे सरपंच बनने मंा कामयाब रहीं। जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के भी दत्तक गांव सुरादेवी में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। वहां कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सुनील दुधपचारे सरपंच चुनाव में जीते।

कांग्रेस और बीजेपी के दावे

भाजपा की जिला परिषद अध्यक्ष निशा सावरकर के धानला निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना ने सरपंच पद पर कब्जा किया। जिपं के पूर्व उपाध्यक्ष तापेश्वर वैद्य की पत्नी वनीता वैद्य जीतने में कामयाब रही। हालांकि यह चुनाव पार्टी चिन्हों पर नहीं लड़े जाते है, लेकिन पार्टी समर्थित उम्मीदवार के रुप में यह चुनाव में उतरते है। संबंधित पार्टियां इन्हें जीताने पूरी ताकत झोंकती है। फिलहाल शाम तक स्थिति स्पष्ट होगी कि कौनसी पार्टी के कितने समर्थित उम्मीदवार जीते या हारे। चंद्रपुर जिले की मूल तहसील के आकापुर से कांग्रेस के सभी 8 उम्मीदवार विजयी हुए हैं। अमरावती के चांदुर रेलवे में 17 ग्राम पंचायतों के परिणाम घोषित हुए जिसमें 10 ग्राम पंचायत पर कांग्रेस, 3 जगह पर भाजपा व अन्य 4 जगह पर विजयी हुए हैं। यहां नांदेड़ पैटर्न की पुनरावृत्ति हुई है।

चिखले परिवार की 50 साल की सत्ता को झटका

मेंढेपठार ग्राम पंचायत की 50 साल से सत्ता संभाल रहे चिखले परिवार को मतदाताओं ने करारा झटका दिया है। उनके पैनल का केवल 1 सदस्य चुनाव जीत पाया, हालांकि जिप के पूर्व उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चिखले की पत्नी दुर्गा चिखले सरपंच चुनाव जीतने में सफल रहीं। 

विदर्भ के परिणाम घोषित

विदर्भ के वर्धा, गोंदिया, भंडारा, गड़चिरोली, चंद्रपुर और अमरावती जिले में सोमवार को हुए ग्राम पंचायतों के चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए। इसमें अनेक पार्टियों ने अपने-अपने पैनल के जीत के दावे किए हैं। 

वर्धा में भाजपा ने ठोका दावा

वर्धा जिले की कुल 515 ग्राम पंचायतों में 91 ग्राम पंचायतों के चुनाव में भाजपा ने 56 सीटों पर जीत का दावा किया। जबकि कांग्रेस ने 27, राकांपा-सेना और निर्दलीय ने 3-3 सीटों पर जीत का दावा किया है। 

गड़चिरोली में कांग्रेस समर्थित दल का सफाया

गड़चिरोली जिले में कांग्रेस समर्थित दल का पूरी तरह सफाया होने की जानकारी है। चुनाव परिणाम आने के बाद सांसद अशोक नेते ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर गड़चिरोली जिले की 26 में 15 ग्रापं पर भाजपा समर्थित सरपंच चुनकर आने का दावा किया। इस चुनाव में आविसं को 3 तथा ग्रामसभा समर्पित 2 निर्दलीय विजयी हुए है। अशोक नेते के अनुसार कांग्रेस एक भी जगह पर अपना खाता नहीं खोल पाई।

भंडारा की स्थिति

भंडारा जिले में मिलेजुले नतीजे सामने आने की जानकारी है। भंडारा की 362 ग्राम पंचायतों के चुनाव परिणाम आते ही विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने सरपंच और सदस्यों को अपने-अपने पैनल का होने का दावा किया। भंडारा तहसील की 39 ग्रापं में 26 पर भाजपा ने कब्जा करने का दावा किया। लाखनी तहसील की 51 ग्रापं में विजयी उम्मीदवारों से भाजपा ने 26 और राकांपा ने 20 को अपनी पैनल का बताया।
 
गोंदिया में भाजपा को फायदा

गोंदिया जिले की 346 ग्रापं में भाजपा ने 94 से अधिक जगहों पर जीत का दावा किया। वहीं कांग्रस ने 27 से अधिक और राकांपा ने 30 से अधिक पर जीत का दम भरा। गोंदिया में कांग्रेस और राकांपा ने मिलकर भाजपा को कड़ी टक्कर दी। 

अमरावती में कांटे की टक्कर 

अमरावती जिले की 250 ग्राम पंचायत के चुनाव में भाजपा ने 135 सरपंच चुने जाने का दावा किया। कांग्रेस ने 134 सरपंचों को अपने पैनल का बताया। यहां 255 ग्राम पंचायत में 5 ग्राम पंचायत के सरपंच निर्विरोध चुने गए थे। इस कारण 250 ग्राम पंचायत में वोट डाले गए थे। युवा स्वाभिमान ने भी 12 सरपंच पद के उम्मीदवारों को अपने पैनल का बताया।

बीजेपी ने मारी थी बाजी

पहले चरण के मतदान में बीजेपी ने करीब 50 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की थी। 7 अक्टूबर को 2,974 पंचायत के नतीजे मंगलवार को घोषित हुए थे। जिसमें बीजेपी ने 1457 सीटों पर बाजी मारी थी। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की जनता का जीत के लिए आभार व्यक्त किया था। साथ ही बीजेपी की विकास नीति के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया था। मोदी ने सीएम देवेंद्र फडणवीस और रावसाहेब दानवे का भी विशेष जिक्र किया था।