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प्रमुख सचिव वन श्री बर्णवाल ने देवास जिले में वनाधिकार दावों के निराकरण संबंधी बैठक ली

July 24th, 2020 10:33 IST
प्रमुख सचिव वन श्री बर्णवाल ने देवास जिले में वनाधिकार दावों के निराकरण संबंधी बैठक ली

डिजिटल डेस्क, देवास। देवास प्रमुख सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल ने आज गुरूवार को कलेक्‍टर कार्यालय के सभाकक्ष में वनाधिकार दावों के निराकरण के संबंध में समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्‍टर श्री चन्‍द्रमौली शुक्‍ला, उज्‍जैन कलेक्‍टर श्री आशीष सिंह, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शीतला पटले, सीसीएफ श्री अजय कुमार यादव, डीएफओ श्री पीएन मिश्रा, एसडीएम देवास श्री प्रदीप सोनी, बागली एसडीएम श्री अरविंद चौहान, कन्‍नौद एसडीएम श्री नरेन्‍द्र धुर्वे, सोनकच्‍छ एसडीएम शिवानी तरेटीया, खातेगांव एसडीएम श्री संतोष तिवारी सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख सचिव वन श्री बर्णवाल निर्देश दिये कि वनाधिकार अधिनियम 13 दिसम्‍बर 2005 से पूर्व काबिज देवास जिले के प्रत्येक पात्र आदिवासी को वनाधिकार पट्टे मिले, इस बात का विशेष ध्‍यान रखें। जिले में पूर्व में जिन आदिवासियों के वनाधिकार पट्टों के दावों को अमान्य किया गया है। उन्‍होंने पूर्व आवेदन पर विचार करके अधिकारी पूरी संवेदना एवं तत्परता के साथ एक-एक दावे का परीक्षण करें तथा प्रत्येक पात्र आदिवासी को वनाधिकार पट्टा दिलवाये। आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे देने के लिए 10 दिन का विशेष अभियान चलाये। उन्‍होंने कहा कि वनअधिकार पट्टो का अभियान चलाकर दावों का परीक्षण कर जो भी कमी है उसे पूरा करे तथा फील्ड पर जाकर पट्टा देने का कार्य करे। नये आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। श्री बर्णवाल ने कहा कि देवास जिले के बडे किसानों को बॉस की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाये। बडे किसान बॉस की खेती करने से तीन वर्ष बाद बॉस से किसान को लगभग एक लाख रूपये प्रति हैक्‍टयर की आय होगी। किसान बॉस की फसल के बीच में अन्‍य फसल गेंहू व अन्‍य फसल भी बोकर भी लाभ उठा सकते है। बैठक में कलेक्‍टर श्री चन्‍द्रमौली शुक्‍ला ने बताया कि देवास जिले में ग्राम वन अधिकार समितियों द्वारा अभी तक 6 हजार 255 प्रस्‍तुत दावों में 4 हजार 423 दावे सत्‍यापन के लिए चुने गये। 2 हजार 231 दावे सत्‍यापन के लिए लम्बित है। आदिवासियों के दावों का पुन: सर्वे कर सत्‍यापन करके वनाधिकार पट्टे पात्र हितग्राहियों को दिये जायेगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र वनवासी दावेदार अपने वन अधिकार के हक से वंचित न हो। दावेदार को अपने दावों के समर्थन में लगाये जाने वाले दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के लिये वन विभाग एवं राजस्व विभाग को निर्देश दिये गये हैं। एम.पी. वनमित्र पोर्टल के माध्यम से दावों का निराकरण करते समय दावेदारों को भी पर्याप्त सुनवाई के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है। प्रदेश में वन अधिकार के दावों का निराकरण अभियान के रूप में किया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।