दैनिक भास्कर हिंदी: Alwar lynching: राजस्थान के गृहमंत्री बोले- पुलिस कस्टडी में हुई रकबर की मौत

July 25th, 2018

हाईलाइट

  • अलवर मॉब लिंचिंग केस में राजस्थान सरकार ने माना है कि रकबर की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी।
  • राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए इस बात को स्वीकार किया है।
  • अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच शुरू करने के लिए कहा गया है।

डिजिटल डेस्क, अलवर। अलवर मॉब लिंचिंग केस में राजस्थान सरकार ने माना है कि रकबर की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए इस बात को स्वीकार किया है। इस मामले में न्यायिक जांच के भी आदेश दिए गए हैं। बता दें कि रकबर खान की मौत के मामले में राज्य पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचाने की जगह बरामद गायों को पहले गौशाला पहुंचाने को तरजीह दी। आरोप यह भी है कि पुलिस ने खुद भी रकबर की पिटाई की। इसकी वजह से रकबर को अस्पताल पहुंचाने में देर हो गई और उसकी मौत हो गई।

परिजन कार्रवाई से संतुष्ट
गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने अपने बयान में कहा कि जो सबूत इस केस में अब तक मिले है उसके आधार पर ये बात कही जा सकती है कि रकबर खान की मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कटारिया ने दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया और कहा कि किसी को किसी की जान लेने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह मृतक के परिवार से मिले थे और परिजनों ने उनसे कहा कि वह अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट है। कटारिया ने कहा कि उनसे मैंने बोला है कि जब भी वह मुझसे मिलना चाहे वह आ सकते है।

 

 



क्या है मामला?
बता दें कि यह मॉब लिंचिंग की घटना राजस्‍थान में अलवर जिले के रामगढ़ में हुई थी। इस घटना में भीड़ ने गौ तस्करी के आरोप में पीट-पीटकर रकबर खान को घायल कर दिया था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी गायों को गौशाला पहुंचा दिया था, मगर रकबर को प्राथमिक उपचार के लिए न भेजकर सीधे थाने ले आई थी। पुलिस की यही लापरवाही रकबर की मौत का कारण मानी जा रही थी। कहा जा रहा था कि अगर सही समय पर रकबर को अस्पताल ले जाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।