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Rajasthan Crisis: 14 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा सत्र, स्पीकर ने जारी की अधिसूचना


हाईलाइट

  • सीएम गहलोत की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र आखिरकार विधानसभा सत्र बुलाने पर सहमत हो गए हैं। राज्य में 14 अगस्त से सत्र की शुरुआत होगी। इसके लिए गुरुवार (30 जुलाई) को विधानसभा स्पीकर ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज एक बार फिर कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक हुई। जयपुर के होटल फेयरमोंट में बैठक के दौरान राज्य के सियासी संकट और आगे की रणनीति पर मंथन किया गया।

LIVE Updates: 

  •  राजस्थान हाईकोर्ट ने विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी की याचिका पर सुनवाई की। हाई कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को कांग्रेस पार्टी के साथ विलय के संबंध में नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें 11 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
  • बता दें, बीते करीब 15 दिनों में गुरुवार को चौथी बार कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई है। CM गहलोत ने बैठक में विधायकों से कहा, उन्हें 14 अगस्त यानी जिस दिन से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है, तब तक जयपुर के फेयरमोंट होटल में ही रहना होगा। मंत्री अपने काम को पूरा करने के लिए सचिवालय जा सकते हैं।

 विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र के संबंध में अधिसूचना जारी की गई।

  • स्पीकर सीपी जोशी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक नई SLP दायर की गई है। इस याचिका में स्पीकर ने राजस्थान हाईकोर्ट के 24 जुलाई के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें कांग्रेस के बागी विधायकों पर किसी तरह का एक्शन लेने पर स्टे लगाया गया है। इससे पहले दाखिल की गई एक याचिका को स्पीकर ने वापस ले लिया था और दोबारा नए फैसले पर याचिका दायर करने की बात कही थी।
     
  • ऑडियो टेप मामले में आरोपी कारोबारी संजय जैन का वॉयस सैंपल लेने की इजाजत SIT को मिल गई है। कल शुक्रवार को संजय जैन का वॉयस सैंपल लिया जाएगा।

Rajasthan Political Crisis: राज्यपाल कलराज मिश्र ने 14 अगस्त को विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी दी

बता दें कि, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार (29 जुलाई) को 14 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश जारी किया था। राज्यपाल ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि, कोरोनो के प्रसार को रोकने के लिए जारी दिशानिर्देशों के अनुसार विधानसभा सत्र के संचालन के दौरान सभी उपाय किए जाएं। गहलोत मंत्रिमंडल ने विधानसभा सत्र बुलाने के तीन बार प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद बुधवार को एक बार फिर संशोधित प्रस्ताव राजभवन को भेजा था।इससे सत्र आहूत करने के लिए 21 दिन के स्पष्ट नोटिस की अनिवार्यता पूरी हो गई जिस पर राज्यपाल कलराज मिश्र बार-बार जोर दे रहे थे। इसलिए राज्यपाल ने इसे मंजूरी दी है।


टाइमलाइन:

-14 जुलाई: सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्यता का नोटिस दिया और 17 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक जवाब मांगा।

-16 जुलाई: सभी 19 विधायकों ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। उधर, व्हिप चीफ महेश जोशी ने सरकार की तरफ से कैविएट लगा दी कि कोई भी फैसला किए जाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।

-17 जुलाई: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की और दो जजों की बेंच में मामला भेजा। इस बेंच ने 18 जुलाई को सुनवाई तय की।

-18 जुलाई: हाईकोर्ट ने स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करें और अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की। 

-20 जुलाई: हाईकोर्ट ने बहस पूरी न हो पाने के कारण कहा- 21 जुलाई को भी सुनवाई होगी।

-21 जुलाई: हाईकोर्ट ने 24 जुलाई के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी तब तक के लिए कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा।

-22 जुलाई: स्पीकर सीपी जोशी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 

-23 जुलाई: कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। शाम को पायलट खेमे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की।

-24 जुलाई: हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता को नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। 

-27 जुलाई: राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने 19 विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली।

-29 जुलाई: स्पीकर ने फिर से सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने लिए जारी नोटिस पर यथा स्थिति बनाए रखने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

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