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नागपुर के रौनक साधवानी बने देश के 65वें ग्रैंड मास्टर, 13 साल की उम्र शानदार उपलब्धि

नागपुर के रौनक साधवानी बने देश के 65वें ग्रैंड मास्टर, 13 साल की उम्र शानदार उपलब्धि

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महज 13 वर्ष की आयु में इस कीर्तिमान को अपने नाम दर्ज करते हुए रौनक ने यह साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है। सही लगन और परिश्रम से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। रौनक ने ग्रैंड मास्टर का तीसरा और अंतिम मानक (नॉर्म) ‘फिडे चेस डॉट कॉम ग्रैंड स्विस 2019’ में हासिल किया। इस स्पर्धा में दुनिया के कई स्टार शतरंज खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अपराजित रहे रौनक ने संभावित सात में से 4 अंक हासिल किया। स्विस ग्रैंड मास्टर 2019 में रौनक ने छह ड्रॉ मैच खेले और 2650 से अधिक ईएलओ रेटिंग अंक वाले खिलाड़ी के विरुद्ध एक मुकाबले में जीत दर्ज की। काले मोहरों से खेलते हुए रौनक ने सेर्गी कर्जाकिन को ड्रॉ खेलने पर मजबूर भी कर दिया। ग्रैंड मास्टर बनने के लिए जरूर 2500 ईएलओ रेटिंग अंक को रौनक ने शानदार रूप से हासिल कर लिया।

शतरंज के बेहद प्रतिभावान खिलाड़ी रौनक ने ग्रैंड मास्टर बनने के सफर का आगाज एरोफ्लोट ओपन 2019 से किया था। एरोफ्लोट ओपन में उन्होंने ग्रैंड मास्टर का पहला मानक हासिल किया था। वहीं दूसरा नॉर्म इसी वर्ष पोर्टिसियो ओपन 2019 में अपने नाम किया। रौनक को पिछले दिनों दुबई में हुई अंतरराष्ट्रीय शतरंज स्पर्धा में ग्रैंड मास्टर का तीसरा नॉर्म हासिल होने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें आखिरी नॉर्म स्विस ग्रैंड मास्टर 2019 में हासिल हो गया। तकनीकी रूप से रौनक को काफी अच्छा खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन जरूरत के हिसाब से रौनक आक्रामक और मजबूत गेम भी खेलने में माहिर है। वर्ष 2005 में जन्मे रौनक ने 13 वर्ष 9 महीने और 26 दिन में ग्रैंड मास्टर बनने की शानदार उपलब्धि हासिल की। रौनक नागपुर के पहले ग्रैंड मास्टर जबकि अमरावती के स्वप्निल धोपाड़े के बाद विदर्भ के दूसरे ग्रैंड मास्टर बने। 

विश्वनाथन आनंद ने की थी भविष्यवाणी

भारत के ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद ने नागपुर में हुई पांचवीं स्कूल नेशनल शतरंज स्पर्धा के दौरान रौनक की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें भविष्य का ग्रैंड मास्टर या फिर लिटिल ग्रैंड मास्टर के नाम से संबोधित किया था। रौनक से महज कुछ ही वर्ष में आनंद की भविष्यवाणी को सही साबित कर दिया।

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