दैनिक भास्कर हिंदी: राहत - 2 कोविड केयर सेंटर खाली, 3 में बचे सिर्फ 17 कोरोना संक्रमित मरीज

May 28th, 2021

संक्रमण फैलने पर बनाए गए थे 12 सौ बिस्तरों के 5 कोविड केयर सेंटर, तीसरी लहर की संभावना के चलते तैयारी
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि अस्पतालों में जगह मिलना मुश्किल हो रही थी। संक्रमितों का आँकड़ा 9 सैकड़ा के पार पहुँच गया था। ऐसी स्थिति में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगभग 12 सौ बेड के 5 कोविड केयर सेंटर जो तैयार किए गए थे यहाँ बहुत से मरीजों को राहत मिली। इन सेंटरों में से दो पूरी तरह खाली हैं और 3 में सिर्फ 17 मरीज भर्ती हैं इनकी भी जल्द ही छुट्टी होने वाली है। लोगों का कहना है कि कुछ सेंटर तैयार करने में लेटलतीफी हुई। वहीं अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण की तीसरी लहर और 1 जून से अनलॉक होने के बाद शहर में स्थिति न बिगड़े और मरीजों को परेशानी न हो, इसे देखते हुए इन सेंटरों को अभी बंद नहीं किया गया है। हालाँकि कुछ सेंटरों में भोजन खर्च और बेड के साथ ही अन्य सामग्रियों का किराया भी लग रहा है जो मरीज के न होने पर बेवजह लगेगा इसलिए प्रशासन इस पर कुछ निर्णय ले सकता है। 
अभी कुछ ऐसी है शहर में बनाए गए सेंटर्स की स्थिति
3 सौ बिस्तरों का ज्ञानोदय, मरीज 
 रांझी क्षेत्र में आवासीय विद्यालय ज्ञानोदय को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। 3 सौ बिस्तरों के इस सेंटर में 170 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट वाले हैं। सेंटर में वर्तमान में सबसे ज्यादा 7  मरीज भर्ती हैं। यह सेंटर पिछले साल ही बना था, जिसमें सबसे पहले यही सेंटर शुरू हुआ और यहाँ एक समय पर 112 मरीज तक भर्ती रहे हैं।
80 बेड का सेंटर, पेशेंट एक भी नहीं
घंटाघर के पास स्थित सिंधु भवन में 80 बेड का कोविड केयर सेंटर बना है। यहाँ पिछले चार-पाँच दिनों से एक भी मरीज नहीं है। यहाँ सिर्फ एक नर्स की ड्यूटी लगी है।  हालाँकि इस सेंटर में भी मरीजों के रात में इलाज की कोई सुविधा नहीं थी, जिससे यह रेफर सेंटर ही बनकर रह गया था। यह जरूर है कि कुछ घंटों के लिए मरीजों को यहाँ राहत मिल जाती थी। 
2 सौ बिस्तरों का देवजी नेत्रालय अभी खाली 
 जोतपुर तिलवारा पुल के पास 200 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। यहाँ वर्तमान में एक भी मरीज भर्ती नहीं है। एक दिन पहले तक 2 मरीज भर्ती थे। यहाँ स्टाफ की ड्यूटी लगी हुई है और ऑक्सीजन सहित अन्य व्यवस्थाएँ भी यथावत रखी गई हैं।