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दैनिक भास्कर हिंदी: दमोह उपचुनाव की मतगणना में कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से करो पालन, विजय जुलूस पर पाबंदी

April 27th, 2021


डिजिटल डेस्क जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और दमोह कलेक्टर को आदेश दिया है कि दमोह उपचुनाव की 2 मई को होने वाली मतगणना के दौरान कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बैंच ने कहा है कि उपचुनाव में किसी भी प्रकार का विजय जुलूस नहीं निकाला जाए और मतगणना केन्द्र के बाहर भीड़ नहीं लगने दी जाए। डिवीजन बैंच ने याचिका का निराकरण करते हुए पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पांडुचेरी चुनाव पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
डिवीजन बैंच ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट द्वारा 19 अप्रैल को कोरोना के इलाज की व्यवस्था को लेकर एक जनहित याचिका पर विस्तृत आदेश पारित किया जा चुका है। मामले में लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है, इसलिए इस पर अलग से आदेश देने की जरूरत नहीं है।
यह है मामला-
जबलपुर निवासी अधिवक्ता पीसी पालीवाल और अधिवक्ता उमेश त्रिवेदी की ओर से याचिका दायर कर कहा गया है कि मध्य प्रदेश के दमोह में उपचुनाव के साथ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पांडुचेरी विधानसभा चुनाव में राजनेताओं द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। याचिका में कहा गया कि दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार करने वाले राजनेता अपने राज्यों में आकर क्वारंटीन नहीं हो रहे हैं। इसके साथ ही कोरोना पीडि़त लोगों को ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। याचिका में केन्द्रीय एवं राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की गई थी।
दमोह में हो चुका है मतदान-
चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने कहा कि दमोह उपचुनाव के लिए 17 अप्रैल को मतदान हो चुका है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पांडुचेरी मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतगणना के लिए विस्तृत आदेश जारी किया जा चुका है। डिवीजन बैंच ने याचिका का निराकरण करते हुए दमोह उपचुनाव की मतगणना के दौरान कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव और केन्द्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल जेके जैन ने पक्ष प्रस्तुत किया।

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