दैनिक भास्कर हिंदी: महिला आयोग के समुपदेशन केंद्र भी हाईटेक, सीधे मुख्यालय से निगरानी

March 25th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महिलाओं पर होने वाले अत्याचाराें का निपटारा करने जिला स्तर पर समुपदेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं। महिला आयोग का इन केंद्रों पर नियंत्रण है। सीधे मुख्यालय से निगरानी रखने के लिए इन केंद्रों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। इसे संचालित करने के लिए एक पोर्टल विकसित किया गया है। ट्रायल बेसिस पर इसका संचालन शुरू हो चुका है। संपूर्ण राज्य में पोर्टल कार्यान्वित होने पर मुख्यालय में बैठकर समुपदेशन केंद्रों में लंबित प्रकरणों की स्थिति जानी जा सकेगी। प्रकरणों का तत्काल निपटारा करने में इसकी मदद होगी।

सलाहकारों की नियुक्ति की गई है :
महिला आयोग महिलाओं के अधिकार के लिए कार्य करता है। समुपदेशन केंद्र के माध्यम से उनका मार्गदर्शन कर कानूनी सलाह दी जाती है। राज्य में 300 से अधिक समुपदेशन केंद्र हैं।

नागपुर जिले में जिला परिषद के महिला व बाल कल्याण विभाग अंतर्गत 10 केंद्र चलाए जा रहे हैं। जिला स्तर पर कार्यरत समुपदेशन केंद्र महिला आयोग की भूमिका निभाता है। केंद्र में समाजसेवक, कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति की गई है। समुपदेशन केंद्र में महिलाओं की वैवाहिक समस्या, दहेज बलि, सामाजिक समस्या, अत्याचार, संपत्ति में हिस्सेदारी, कार्यस्थल पर हाेनेवाले लैंगिक अत्याचार आदि प्रकरणों की शिकायतें आती हैं। समुपदेशन केंद्र में कार्यरत समाजसेवक तथा कानूनी सलाहकार समस्याग्रस्त महिलाओं की सहायता कर समझौते से प्रकरणों का निपटारा करने का प्रयास करते हैं। समझौता नहीं होने पर पुलिस स्टेशन तथा पारिवारिक न्यायालय जाने में महिलाओं के सहयोगी की भूमिका अदा की जाती है। 

महिलाओं को तत्काल न्याय दिलाने में उपयोगी
समुपदेशन केंद्र अपने कार्यों की मासिक रिपोर्ट जिप के महिला व बाल कल्याण विभाग को सौंपता है। संपूर्ण जिले की रिपोर्ट संकलित कर उसे राज्य महिला आयोग के पास भेजी जाती है। आयोग का ऑनलाइन पोर्टल कार्यान्वित होने पर समुपदेशन केंद्र से सीधे महिला आयाेग को तत्काल रिपोर्ट प्राप्त होगी। महिला आयोग प्रकरण में हस्तक्षेप कर तत्काल निपटारा कर सकेगा। अन्यायग्रस्त महिलाओं को तत्काल न्याय दिलाने में ऑनलाइन पोर्टल उपयोगी सिद्ध होगा। महिलाओं को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार करने से राहत मिलेगी।
- पुष्पा वाघाड़े, सभापति, जिप महिला व बाल कल्याण विभाग


 

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