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गन्ना किसानों के साथ सवा करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले को जमानत नहीं

गन्ना किसानों के साथ सवा करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले को जमानत नहीं

डिजिटल डेस्क जबलपुर । नरसिंहपुर के गन्ना किसानों के साथ करीब सवा करोड़ रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोपी को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया है। जस्टिस राजीव कुमार दुबे की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा- आरोपी ने मामले में बड़ी रकम की हेराफेरी की है, जिसकी जांच फिलहाल जारी है। मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है, इसलिए उसे अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।यह अर्जी नरसिंहपुर के आमागांव नाका के पास रहने वाले नवल किशोर अग्रवाल की ओर से दायर की गई थी। उसके खिलाफ 7 जून 2019 को लखनलाल कौरव ने पुलिस थाना डोंगरगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

एकाउन्टेंट सचिन भटनागर के साथ मिलकर एक करोड़ 24 लाख रुपए की हेराफेरी की

फरियादी लखनलाल का आरोप था कि वर्ष 2016 में उन्होंने आरोपी नवल किशोर के साथ मिलकर में. माँ नर्मदा गुड़ फैक्ट्री डेढ़ करोड़ रुपए का लोन लेकर स्थापित की थी। किसानों से गन्ना खरीदकर उसका गुड़ बनाया जाता था और फिर बाजार में उसे बेचकर रकम किसानों को बांटी जाती थी। फरियादी लखनलाल किसानों से गन्ना लेकर उन्हें रसीद देता था और उसके बाद आरोपी नवल किशोर रसीदों के आधार पर किसानों को भुगतान करता था। फरियादी का आरोप है कि मार्च 2019 तक किसानों को रकम न मिलने पर उन्हें पतासाजी की तो यह खुलासा हुआ कि आरोपी नवल किशोर ने फर्म के एकाउन्टेंट सचिन भटनागर के साथ मिलकर एक करोड़ 24 लाख रुपए की हेराफेरी की है। पुलिस द्वारा दर्ज मामले में गिरफ्तारी से बचने आरोपी की ओर से अर्जी दायर की गई, जो सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दी। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी और आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने पैरवी की।
 

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