दैनिक भास्कर हिंदी: पलक झपकते मां की गोद से नवजात बच्चा चुरा ले गई महिला,अस्पताल प्रबंधन की बड़ी चूक उजागर

May 25th, 2019

डिजिटल डेस्क, सिवनी। घर में पहली संतान आने पर पूरा परिवार खुशी से झूम उठा लेकिन उनकी खुशियां उस समय काफूर हो गई जब बच्चे को अज्ञात लो चुरा ले गए।घटना जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे की है। जानकारी मिलते ही अस्पताल महकमे में हड़कंप मच गया। इधर घटना की जानकारी मिलत ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक बच्चा चोर निकल चुके थे। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 363 का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुर कर दी है। इस घटना से जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अपने जिगर के टुकड़े से सूनी गोद लिए बैठी मां के रो रोकर बुरे हाल हैं।

ये है पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुरई थाना के पोतलई निवासी मोनिका पति संतोष उइके(23) ने बुधवार को बालक को जन्म दिया था। शुक्रवार की सुबह मोनिका की सास प्रसाधन गई थी। इसी बीच मोनिका का बच्चा रो रहा था। तभी एक अज्ञात महिला उसके पास आई और बच्चे को संभालने की बात कही। मोनिका ने भी सहज रूप से अपने बच्चे को उसे दे दिया। तभी महिला उसे लाड़प्यार दिखाते हुए उसे लेकर चले गई। जब मोनिका की नजर महिला पर पड़ी तो वह नहीं थी। तब उसने शोर मचाया लेकिन तब तक बच्चा लेने वाली महिला बाहर कहीं जा चुकी थी।

बाहर के कैमरे में कैद हुए चोर
इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सर्किट हाऊस चौराहे के पास लगे कैमरे में जो फुटेज आए हैं उसमें एक महिला बच्चे को गोद में ले जाते हुए नजर आ रही है जबकि उसके साथ एक युवती भी है जो बैग साथ में पकड़े हुए है। पुलिस अन्य कैमरों की भी मदद लेकर फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि बाहर के लोगों ने स्थानीय लोगों की मदद से इस घटना को अंजाम दिया है। जिस शातिर अंदाज में बच्चो चोरी किया गया है उससे पुलिस भी हैरान है। कैमरों में महिला ले जाने वालों के स्पष्ट चेहरे नजर नहीं आ रहे। बताया गया कि बच्चा ले जाने वाली महिला दो दिनों से अस्पताल में आना जाना कर रही थी। ऐसे में रैकी कर घटना को अंजाम दिया गया है।

बंद है सीसीटीवी कैमरे

जिला अस्पताल में 100 सीसीटीवी कैमरे लगने की योजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई। जो कैमरे लगे हैं उनमें से आधे से अधिक बंद है। जिस जगह यह हादसा हुआ वहां के बरामदे और आसपास के कैमरे बंद मिले। पुलिस को फुटेज नहीं मिले।

सुरक्षा एजेंसी की लापरवाही

अस्पताल में निजी सुरक्षा एजेंसी काम कर रही है। सुरक्षा कर्मचारियों पर लाखों खर्च हो रहे हैं। घटना के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों ने बिना जांच पड़ताल किए अज्ञात महिला और युवती को आने जाने कैसे दिया।

पूर्व की घटनाओं से सीख नहीं

जिला अस्पताल में सुरक्षा एजेंसी की लापरवाही लगातार कर रही है। आए दिन मारपीट और शराबखोरी के मामले के बाद भी एजेंसी पर कोई एक्शन नहीं लिया। अभी भी महज नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।वहीं कर्मचारियों की संख्या भी कम रखी गई है।

इनका कहना है
पीडि़ता ने अज्ञात महिला को बच्चा दिया था लेकिन महिला बच्चे को लेकर चली गई। फिलहाल बच्चे ले जाने के मामले में  सभी स्तर पर जांच पड़ताल की जा रही है। महिला और युवती का पता लगाया जा रहा है। ललित शाक्यवार, एसपी

घटना गंभीर है। हमने सुरक्षा एजेंसी के संचालक को बुलाया है इस पर पत्र जारी कर रहे हैं। भविष्य में दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए काम कर रहे हैं। भर्ती होने पर यलो कार्ड परिजनों से मुलाकात के लिए दिए जाएंगे। मामले की जांच पुलिस कर रही है। डॉ विनोद नावकर,सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

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