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वर्दीधारी नकली सब इंस्पेक्टर हवालात में - रिवाल्वर की जगह था लाइटर

वर्दीधारी नकली सब इंस्पेक्टर हवालात में - रिवाल्वर की जगह था लाइटर

डिजिटल डेस्क  जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित राम मंदिर के इर्द-गिर्द थानेदार बनकर घूम रहे वर्दीधारी की गतिविधियाँ संदिग्ध नजर आने पर लोगों ने उसे घेर लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए नकली थानेदार के वेश में घूम रहे बहुरूपिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने 3 माह पूर्व दशमेशद्वार स्थित राम मंदिर से चोरी करना स्वीकार किया है। पूछताछ के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा गया।  सूत्रों के अनुसार गुप्तेश्वर रोड मदन महल निवासी गुलशन मखीजा उम्र 59 वर्ष ने दोपहर 1 बजे के करीब थाने में सूचना देकर बताया कि वे राम मंदिर में पूजा करने गये थे। मंदिर से बाहर निकलने पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में थानेदार जैसे कंधे पर दो स्टार व कमर में लाल रंग का बैल्ट व रिवाल्वर खोंसे हुए खड़ा था, उसकी गतिविधि संदिग्ध नजर आने पर उससे मंदिर आने का कारण और किस थाने में पदस्थ है के संबंध में पूछताछ की गयी तो वह हड़बड़ा गया और ठीक-ठाक जवाब नहीं दे रहा था। उन्होंने अपने परिचित मनीष पोपली की मदद से उसे रोककर रखा। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और एसआई की वर्दी में मिले व्यक्ति को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उसने  अपना नाम अशोक सिंह लोधी पिता प्रहलाद सिंह लोधी उम्र 39 वर्ष निवासी आकाश विहार कॉलोनी माढ़ोताल का रहने वाला बताया, वहीं  कमर में खोंसे हुये रिवाल्वर को चैक किया गया तो नकली रिवाल्वर नुमा फाइबर का लाइटर पाये जाने पर उसके खिलाफ धारा 420, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
 बदला लेने की मंदिर में चोरी 
 पूछताछ में नकली थानेदार ने पुलिस को बताया कि 3 माह पूर्व वह दशमेशद्वार के पास राम मंदिर गया था, वहाँ पर लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने राम मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति पर चढ़ा चाँदी का मुकुट चुराया था। मंदिर में चोरी की घटना को लेकर क्षेत्र में काफी आक्रोश था। मंदिर से मुकुट चोरी की रिपोर्ट पर धारा 454, 380 के तहत मामला दर्ज किया गया था, उक्त मामले में भी आरोपी की गिरफ्तारी की गयी। 
वर्दी पहनकर जमाता था धौंस 
 टीआई उमेश तिवारी ने बताया कि आरोपी ने कबूला है कि मंिदर में उसके साथ हुई मारपीट के बाद से वह आहत था। अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसने वर्दी का सहारा लिया था। आरोपी का यह भी कहना था कि पकड़े जाने से बचने के लिए वह वर्दी पहनकर निकलता था और लोगों पर धौंस जमाकर वसूली करता था।  
 

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