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कथित हनी ट्रेप के शिकार युवक ने दी दुराचार की एफआईआर को चुनौती

कथित हनी ट्रेप के शिकार युवक ने दी दुराचार की एफआईआर को चुनौती

डिजिटल डेस्क जबलपुर । कथित हनी ट्रेप के शिकार युवक ने अधारताल थाने में दर्ज हुए दुराचार के मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। युवक का दावा है कि पुलिस ने बदला लेने की नीयत से यह झूठा मामला दर्ज कराया है। इतना ही नहीं, जिस युवती के नाम से दुराचार का मामला उसके खिलाफ दर्ज हुआ, उसका हनी ट्रेप से संबंधित एक बड़ा नेटवर्क देश के चुनिन्दा मेट्रो शहरों में फैला हुआ है। जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान ने मामले को संजीदगी से लेते हुए न सिर्फ युवती को नोटिस जारी किए, बल्कि अधारताल थाने में दर्ज मामले की केस डायरी पेश करने के भी निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 13 नवम्बर को
होगी।
 हिरासत में जमकर मारपीट की
अधारताल में रहने वाले युवक की ओर से दायर इस याचिका में आरोप है कि अधारताल पुलिस ने उसे एक मामले में गिरफ्तार किया और हिरासत में जमकर मारपीट की, जिससे याचिकाकर्ता के दोनों हाथ खराब हो गए। इसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने पहले हाईकोर्ट में रिट याचिका उसके बाद निचली अदालत में एक परिवाद दायर किया। याचिकाकर्ता द्वारा दायर किए जाने वाले मामलों में नाराज होकर अधारताल पुलिस ने दुराचार की एक झूठी एफआईआर उसके खिलाफ दर्ज कर ली। याचिकाकर्ता का दावा है कि जिस युवती के नाम से दुराचार की एफआईआर दर्ज की गई, वह पहले से ही संदिग्ध है। इससे पहले भी उसने वर्ष 2013 में कोतवाली थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज तो दर्ज कराया, लेकिन बाद में एक बड़ी रकम लेकर वह कोर्ट में पक्षविरोधी (होस्टाईल) हो गई। याचिका में यह भी आरोप है कि मोटी रकम ऐंठने इस तरह के झूठे मामले दर्ज कराना युवती की फितरत में है। याचिका में दावा किया गया है कि शिकायत करने वाली युवती और याचिकाकर्ता के मोबाइल टावर की लोकेशन के साथ पूरी डिटेल्स निकलवाई जाए, ताकि यह साबित हो सके कि जिस तारीख को दुराचार होने की बात कही गई, उस दिन दोनों (याचिकाकर्ता व युवती) कहां थे। इतना ही नहीं, मोबाईल की कॉल डिटेल्स से साबित हो जाएगा कि किस-किस को युवती ने अपने जाल में फंसाया है। इन आधारों के साथ दायर याचिका में दुराचार के मामले को खारिज किए जाने की प्रार्थना हाईकोर्ट से की गई है।
मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ओम शंकर पाण्डेय और राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता अशोक सिंह हाजिर हुए। सुनवाई के बाद अदालत ने युवती को नोटिस जारी करते हुए मामले की केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।