Panna News: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष का कठोर कारावास

नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष का कठोर कारावास
विशेष न्यायालय पास्को एक्ट में विशेष न्यायाधीश अरविन्द कुमार शर्मा ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी रामकिशोर उर्फ आकाश सपेरा के विरूद्ध अपराध प्रमाणित होने पर आईपीसी की धारा 376(2)(एन) के आरोप में १० वर्ष का कठोर कारावास की सजा तथा ०७ हजार रूपए से अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

Panna News: विशेष न्यायालय पास्को एक्ट में विशेष न्यायाधीश अरविन्द कुमार शर्मा ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी रामकिशोर उर्फ आकाश सपेरा के विरूद्ध अपराध प्रमाणित होने पर आईपीसी की धारा 376(2)(एन) के आरोप में १० वर्ष का कठोर कारावास की सजा तथा ०७ हजार रूपए से अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। प्रकरण में ही अभियुक्त को धारा ३६६ के आरोप में ही दोषी पाते हुए १० वर्ष एवं ०५ वर्ष का कठोर कारवास की सजा एवं ०३ हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। घटना एवं अभियोजन पक्ष की संक्षिप्त जानकारी देते हुए जिला लोक अभियोजन संचालनालय के सहमीडिया प्रभारी ऋषिकांत द्विवेदी, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि फरियादी ने दिनांक १८ जून २०२४ को दिन के करीब ०१ बजे बकरियां चराने के लिए चला गया था पत्नी व उसकी छोटी पुत्री घर पर थी जब एक घंटे के बाद बकरियां चराकर लौटा तो छोटी पुत्री घर पर नही थी तो पति ने पत्नी से पूछा तो उसने बताया कि बाजार से सब्जी लेने गई है।

पीडि़ता नाबालिग शाम के ०५ बजे तक घर वापिस नही आई तो फरियादी पिता और परिवार के लोगों ने तलाश की पता नहीं चलने पर पीडिता के पिता फरियादी ने थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने प्रकरण कायम करते हुए फरियादी की पुत्री पीडिता को दस्याब किया तथा पीडिता से पूछताछ कर कथन अंकित किए। पीडि़ता के कथनों के आधार पर थाने में आईपीसी की धारा ३६६, ३७६(३), 376(2)(एन)५०६ एवं पास्को एक्ट की धारा ३/४, ५एल/६ के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पीडि़ता चिकित्सीय परीक्षण करवाया गया। विवेचक अन्य अनुसंधान कार्यवाही पूर्ण कर अभियुक्त के विरूद्ध आईपीसी की धारा ३६३, ३६६, ३७६(३), 376(2)(एन) एवं पास्को एक्ट की धारा ३/४, ५एल/६ के तहत अभियुक्त के विरूद्ध न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मानवेन्द्र सिंह द्वारा पैरवी की गई। अभियोजन द्वारा साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लेखबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी रामकिशोर उर्फ आकाश सपेरा के विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया। अभिलेख पर आए साक्ष्य और अभियोजनो के तर्को एवं न्यायिक दृष्टांतो से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।


Created On :   1 March 2026 5:42 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story