शाहनगर न्यूज: शरद पूर्णिमा पर महिलाओं-युवतियों ने रखा उपवास,

डिजिटल डेस्क शाहनगर
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा पर रविवार को महिलाओं व युवतियों ने शाहनगर मुख्यालय में उपवास रखकर विधि-विधान से पूजन किया। वहीं श्रद्धालुओं ने भी स्थानीय केन नदी में श्रद्धा की डुबकी लगाई। देर शाम चंद्रमा उदय के बाद पूजन कर उपवास खोला और दान-पुण्य किया। साथ ही श्री राम हर्षण कुंज एवं श्री बिहारी जू मंदिर पर देर रात्रि तक भगवान नाम संकीर्तन चलता रहा।
कस्बा के पंडित सुरेश दुबे बताते हैं कि मान्यता है कि संपूर्ण वर्ष में केवल शरद पूर्णिमा पर ही चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त होता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इसी दिन कोजागरी व कौमुदी व्रत किया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ही 16 कलाओं से परिपूर्ण अवतार हैं। भगवान कृष्ण की 16 कलाएं - अमृता, मनदा, पूषा, तुष्टि, पुष्टि, रति, धृति, शशिनी, चंद्रिका, कांति, ज्योत्सना, श्री, प्रीति, अंगदा, पूर्णा और पूर्णामृता मानी गई हैं।
शरद पूर्णिमा पर उपवास रख पूजन करने से सभी मुरादें पूरी होती हैं और इस रात चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है। ज्योतिष के अनुसार शरद पूर्णिमा पर चंद्र दर्शन कर शुद्ध दूध और मेवे की खीर बनाकर अपने घरों एवं छतों पर रख दें, सुबह उसका सेवन करने से व्यक्ति को तमाम रोगों से भी मुक्ति मिल जाती है।
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