पवई न्यूज: अगले बरस तू फिर से आना’ के जयकारों के बीच मां दुर्गा को दी विदाई

अगले बरस तू फिर से आना’ के जयकारों के बीच मां दुर्गा को दी विदाई
पवई में निकला आकर्षक झांकियों से सजा चल-जुलूस, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे श्रद्धालु; पतने नदी में देर रात तक हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन

डिजिटल डेस्क पवई। ढोल-नगाड़ों की गूंज, डीजे की धुन पर थिरकते श्रद्धालु और ‘दुर्गे मैया भूल न जाना, अगले बरस तू फिर से आना’ के जयकारे… दशहरा पर मंगलवार को पवई नगर में मां दुर्गा की विदाई का दृश्य भक्ति और भावनाओं से सराबोर नजर आया। आकर्षक झांकियों के साथ निकले दुर्गा प्रतिमाओं के भव्य चल-जुलूस में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। वहीं, विसर्जन के समय भक्तों ने नम आंखों से जगत जननी को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की।

हवन-पूजन के बाद नगर भ्रमण पर निकलीं प्रतिमाएं

विजयादशमी के अवसर पर सुबह से ही नगर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्यों ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन किया। इसके बाद मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाओं और मनमोहक झांकियों के साथ चल-जुलूस निकाला गया। जुलूस में राधा-कृष्ण और महाकाली की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते रहे श्रद्धालु

दुर्गा प्रतिमाओं का चल-जुलूस करही तिराहा, मिलौनीगंज, बस स्टैंड, जय स्तंभ चौक, गांधी चौक और झंडा बाजार से होते हुए पतने नदी पहुंचा। पूरे मार्ग में श्रद्धालु डीजे, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह भक्तिमय माहौल दिखाई दिया। जयकारों से नगर का वातावरण गुंजायमान रहा। उत्सव के उल्लास के बीच विदाई की घड़ी आते ही श्रद्धालु भावुक हो उठे।

हाइड्रा मशीन से हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन

पतने नदी स्थित विसर्जन स्थल पर विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बड़ी प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित करने के लिए हाइड्रा मशीन की व्यवस्था की गई थी। प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

दशहरा चल-जुलूस और प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा। विसर्जन स्थल पर तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गोताखोरों, रोशनी और सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की निगरानी में विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न हुई।


Created On :   21 Oct 2026 7:33 PM IST

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