बृजपुर न्यूज: बृहस्पति कुंड में दिखा दुर्लभ ‘कैट स्नेक’: पर्यटकों में कौतूहल,

विशेषज्ञों ने कहा—घबराएं नहीं, इंसानों के लिए नहीं है जानलेवा

डिजिटल न्यूज़ बृजपुर (पन्ना) पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक व पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड के समीप एक दुर्लभ और आकर्षक पैटर्न वाला ‘कैट स्नेक’ (Cat Snake) देखा गया। सांप के शरीर पर भूरी-काली और सफेद धारियों की अनूठी बनावट और उसके आक्रामक अंदाज को देखकर मौके पर मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में कौतूहल फैल गया। प्रत्यक्षदर्शी रूपेश जैन ने तुरंत इस अनोखे जीव की तस्वीरें और वीडियो अपने कैमरे में कैद कर लिए, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया।

बिल्ली जैसी चमकती आंखें हैं इसकी पहचान

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह 'बोइगा' (Boiga) प्रजाति का सांप है, जिसे आम बोलचाल में ‘कैट स्नेक’ या ‘बिल्ली सांप’ कहा जाता है। रात के अंधेरे में इसकी आंखें बिल्ली की तरह चमकती हैं और इसकी पुतलियां बिल्ली की भांति लंबवत (vertical) होती हैं, जिसके कारण इसका यह नाम पड़ा।

यह मुख्य रूप से एक निशाचर (रात में सक्रिय रहने वाला) जीव है, जो दिन के समय पेड़ों की शाखाओं या चट्टानों की दरारों में छिपकर आराम करना पसंद करता है।

हल्का विषैला, इंसानों के लिए जानलेवा नहीं

विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह सांप 'माइल्डली वेनोमस' (हल्का विषैला) श्रेणी में आता है:

शिकार के लिए जहर: इसके जबड़े के पिछले हिस्से में मौजूद दांतों (rear-fanged) में हल्का जहर होता है, जिसका उपयोग यह छिपकलियों, मेंढकों और छोटे पक्षियों को बेदम करने के लिए करता है।

इंसानों पर प्रभाव: इसका विष इंसानों के लिए कतई जानलेवा नहीं होता। यदि यह किसी कारणवश काट भी ले, तो प्रभावित हिस्से पर केवल मामूली सूजन, खुजली या हल्का दर्द ही होता है।

छेड़छाड़ न करने और सतर्कता बरतने की अपील

बृहस्पति कुंड का क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बीहड़ वनों के लिए जाना जाता है, जो अनेक दुर्लभ सरीसृपों और वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है।

वन्यजीव जानकारों और वन विभाग ने पर्यटकों व स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि:

किसी भी दुर्लभ या सामान्य वन्यजीव को देखकर भयभीत न हों और न ही उसे किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाएं।

ऐसे जीवों के करीब जाकर सेल्फी लेने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें; सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

सांप या अन्य वन्यजीव दिखने पर स्वयं उसे पकड़ने के बजाय तुरंत वन अमले अथवा स्थानीय सर्प मित्रों को सूचित करें।


Created On :   16 Oct 2026 7:29 PM IST

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