Pune City News: एम्प्रेस बोटेनिकल गार्डन की जमीन हस्तांतरण प्रस्ताव पर विवाद तेज

एम्प्रेस बोटेनिकल गार्डन की जमीन हस्तांतरण प्रस्ताव पर विवाद तेज
  • 134 वर्षों से संरक्षित हरित धरोहर पर निर्माण की तैयारी
  • संस्था ने सरकार पर दमनात्मक रवैये का लगाया आरोप

भास्कर न्यूज, पुणे। शहर की ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण धरोहर एम्प्रेस बोटेनिकल गार्डन इन दिनों नए विवाद के केंद्र में है। गार्डन की करीब एक एकड़ भूमि न्यायिक निर्माण के लिए हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव ने पर्यावरण प्रेमियों और संबंधित संस्था में चिंता बढ़ा दी है।

इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए दि एग्री-हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ऑफ वेस्टर्न इंडिया ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। संस्था के अध्यक्ष प्रताप पवार और मानद सचिव सुरेश पिंगले ने सरकार के इस कदम को पर्यावरण और विरासत के खिलाफ बताया।

विकास के नाम पर हरित क्षेत्र खत्म करने की कोशिश

प्रेस वार्ता में प्रताप पवार ने कहा कि संस्था वर्ष 1892 से इस उद्यान का संरक्षण कर रही है और यहां मौजूद दुर्लभ वृक्षों और जैव विविधता को सहेजने में लगातार जुटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना संस्था की आपत्तियों पर विचार किए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

पवार ने कहा कि संस्था ने इस भूमि पर भविष्य में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने की योजना के तहत सैकड़ों पेड़ लगाए हैं। यदि यहां निर्माण कार्य होता है, तो यह पूरा प्राकृतिक तंत्र नष्ट हो जाएगा, जिसका असर शहर के पर्यावरण पर दीर्घकालिक रूप से पड़ेगा।

सरकारी सहयोग के बिना किया संरक्षण

संस्था के मानद सचिव सुरेश पिंगले ने बताया कि पिछले 134 वर्षों में उद्यान के रखरखाव के लिए सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। इसके बावजूद संस्था ने जनसहभागिता के माध्यम से इस हरित क्षेत्र को जीवित रखा है।

संस्था ने पुणेकरों और पर्यावरण प्रेमियों से इस मुद्दे पर आगे आने और उद्यान को बचाने की अपील की है। उनका कहना है कि शहर के बीचोंबीच स्थित यह गार्डन ‘शहर के फेफड़े’ की तरह है, जिसे बचाना सभी की जिम्मेदारी है।

संस्था ने स्पष्ट किया कि वह अपने स्तर पर इस हरित विरासत के संरक्षण के लिए संघर्ष जारी रखेगी और सरकार से पुनर्विचार की मांग करती रहेगी।

Created On :   27 March 2026 4:30 PM IST

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