Pune City News: ‘पवित्र’ पोर्टल से शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, अब मेरिट आधारित चयन को प्राथमिकता

‘पवित्र’ पोर्टल से शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, अब मेरिट आधारित चयन को प्राथमिकता
  • नई 100 अंकों की प्रणाली लागू
  • इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्य उम्मीदवारों को मिलेगा बढ़ावा

भास्कर न्यूज, पुणे। राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए शालेय शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ‘मुलाखत (इंटरव्यू) सहित चयन’ विकल्प अपनाने वाली संस्थाओं में उम्मीदवारों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन नहीं होने की शिकायतों के बाद अब नई गुणांकन (मार्किंग) प्रणाली लागू की गई है। इससे उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवारों को अधिक अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के अनुसार, राज्य की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की शालाएं, निजी अनुदानित, आंशिक अनुदानित और गैर-अनुदानित स्कूलों में शिक्षक भर्ती ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से की जाती है। यह प्रणाली वर्ष 2017 में उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लागू की गई थी, जिसमें पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन पर जोर दिया गया था।

इंटरव्यू आधारित चयन में बदलाव

वर्तमान में निजी प्रबंधन को ‘इंटरव्यू के बिना’ और ‘इंटरव्यू सहित’ दो विकल्पों में से चयन की अनुमति है। ‘इंटरव्यू सहित’ विकल्प चुनने पर संस्थाओं को 1:3 के अनुपात में उम्मीदवार उपलब्ध कराए जाते हैं। हालांकि, अब तक की प्रणाली में सभी उम्मीदवारों की योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं हो पा रहा था।

इस समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 6 अगस्त 2024 की पूर्व कार्यपद्धति को रद्द करते हुए नई सुधारित प्रणाली लागू की है। अब संस्थाओं को उपलब्ध उम्मीदवारों में से सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन एक निश्चित और पारदर्शी गुणांकन प्रक्रिया के आधार पर करना अनिवार्य होगा।

100 अंकों की नई मूल्यांकन प्रणाली

नई प्रणाली के अनुसार कुल 100 अंकों में से सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। अंक विभाजन इस प्रकार है:

शिक्षक अभियोग्यता एवं बुद्धिमत्ता परीक्षा: 75 अंक

व्यावसायिक योग्यता: 8 अंक

शैक्षणिक योग्यता: 7 अंक

इंटरव्यू व अध्यापन कौशल: 10 अंक

यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक आयु वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। आयु भी समान होने पर 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर चयन किया जाएगा।

अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी

शिक्षणाधिकारी और उपसंचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन निर्धारित पद्धति के अनुसार हुआ है। इसके बाद ही चयन और नियुक्ति को मंजूरी दी जाएगी।

प्राथमिकता क्रम में बदलाव

उम्मीदवारों के लिए प्राधान्यक्रम दर्ज करने की प्रक्रिया में भी संशोधन किया गया है। अब उम्मीदवार दोनों प्रकार- ‘इंटरव्यू के बिना’ और ‘इंटरव्यू सहित’- के लिए पात्र सभी विकल्प देख सकेंगे।

‘इंटरव्यू के बिना’ चयन के लिए अधिकतम 100 प्राधान्यक्रम लॉक किए जा सकेंगे।

‘इंटरव्यू सहित’ चयन के लिए अधिकतम 50 प्राधान्यक्रम तय किए जा सकेंगे।


Created On :   3 April 2026 4:43 PM IST

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