​बिरसिंहपुर न्यूज: गैबीनाथ धाम विवाद: 'जलधारी कुप्पा' हटाने की मांग पर कल मंगलवार को पूर्णतः बंद रहेगा बाजार,

गैबीनाथ धाम विवाद: जलधारी कुप्पा हटाने की मांग पर कल मंगलवार को पूर्णतः बंद रहेगा बाजार,
जनसैलाब जुटने का अनुमान

डिजिटल डेस्क ​बिरसिंहपुर सतना। सतना जिले की तहसील बिरसिंहपुर स्थित ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध गैबीनाथ धाम मंदिर की प्राचीन परंपराओं की बहाली और सामान्य दिनों में स्थापित 'जलधारी कुप्पा' को हटाने की मांग को लेकर चल रहा जन-आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। आंदोलनकारियों और व्यापारी संघ ने अपनी लोकतांत्रिक एवं धार्मिक मांग के समर्थन में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को बिरसिंहपुर बाजार स्वैच्छिक एवं शांतिपूर्ण रूप से पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है।

​थाना प्रभारी को सौंपा गया सूचना पत्र

आंदोलन को लोकतांत्रिक, अनुशासित एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से समाजसेवी रवींद्रनाथ संजय शुक्ला, कमलेश गौतम और व्यापारी संघ अध्यक्ष कमलेश केशवानी सहित समस्त नगरवासियों व दुकानदारों की ओर से थाना प्रभारी महोदय को लिखित ज्ञापन प्रेषित किया गया है।

​ज्ञापन में स्पष्ट किए गए

​स्वैच्छिक एवं शांतिपूर्ण बंद 11 अगस्त दिन मंगलवार को नगर का संपूर्ण बाजार स्वैच्छिक एवं शांतिपूर्ण रूप से बंद रहेगा। किसी भी व्यापारी, दुकानदार या आम नागरिक पर दुकान बंद रखने का कोई अनुचित दबाव नहीं बनाया जाएगा कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

शीघ्र निर्णय की आस

​ प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सामान्य दिनों में गर्भगृह से 'जलधारी कुप्पा' हटाने की मांग पर तत्काल उचित निर्णय लेने की अपील की गई है। ​शिवभक्तों,व्यापारियों और आम जनता से जुटने का आह्वान

​आंदोलन से जुड़े समाजसेवियों, विभिन्न संगठनों ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों, छोटे-बड़े व्यवसायियों और दूर-दराज के शिवभक्तों से अपील की है कि वे मंगलवार को अधिक से अधिक संख्या में बिरसिंहपुर में उपस्थित रहकर अपनी धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए एकजुट हों।

​स्थानीय नागरिक मंच और आयोजकों का मानना है कि इस स्वैच्छिक बंद के समर्थन में हजारों की संख्या में शिवभक्तों और स्थानीय लोगों का जनसैलाब सड़कों पर उतरेगा।

​नगरवासियों का कहना है कि सामान्य दिनों में गर्भगृह में जाकर भगवान भोलेनाथ का सीधा जलाभिषेक करना सदियों पुरानी सनातन परंपरा रही है। प्रशासन द्वारा जलधारी कुप्पा थोप दिए जाने से न केवल भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि मंदिर के मुख्य द्वार बंद होने से स्थानीय छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी भी ठप पड़ी है।

​अब देखने वाली बात यह होगी कि कल मंगलवार को बिरसिंहपुर में जुटने वाले विशाल जनसैलाब और व्यापारिक बंद के बाद जिला प्रशासन इस न्यायसंगत मांग पर क्या कदम उठाता है।


Created On :   10 Aug 2026 5:52 PM IST

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