Shahdol news: पीएमईजीपी योजना 18 माह से बंद

डिजिटल न्यूज़ शहडोल
स्वरोजगार के लिए 15 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी की योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) में 18 माह से आवेदन का पोर्टल बंद है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के पोर्टल पर आवेदन जमा करने की सुविधा बंद होने का मैसेज फ्लैश होने से बेरोजगार युवा आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। मध्यप्रदेश में खादी ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से चलने वाली योजना को लेकर शहडोल में प्रबंधक शक्ति सागर बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच तीन साल में बजट से ज्यादा इकाइयों को प्रकरण मंजूर होने के कारण अब सब्सिडी की राशि उन्ही इकाइयों को भेजी जा रही है, इसलिए नए आवेदन नहीं लिए जा रहे। बतादें कि ये तीनों वित्तीय वर्ष मध्यप्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव का रहा है। चुनावी वर्ष में ज्यादा प्रकरण मंजूर किए जाने का खामियाजा अब उन नए आवेदकों को भुगतना पड़ रहा है जो अप्रैल 2025 के बाद 18 माह से सब्सिडी के लिए आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।
13 साल से ज्यादा प्रकरण 3 साल में मंजूर:
शहडोल जिले में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से चलने वाली योजना पर नजर डालें तो योजना प्रारंभ होने के बाद जितने प्रकरण 13 साल में मंजूर नहीं हुए उससे ज्यादा तीन साल के चुनावी वर्ष में हो गए। वित्तीय वर्ष 2009-10 से 20-21 के बीच 13 साल के दौरान 249 इकाइयों को सब्सिडी राशि मंजूर की गई, जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22, 22-23 और 23-24 के तीन साल में 290 इकाइयों को सब्सिडी मंजूर कर दिया गया। पूरे प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 5 हजार 957 इकाइयों के लिए 181.30 करोड़ रूपए और 2023-24 में 5 हजार 292 इकाइयों के लिए 185.21 करोड़ रूपए सब्सिडी राशि वितरित की गई।
योजना अच्छी पर लोकसभा चुनाव के बाद से बंद जैसी स्थिति में:
खादी ग्रामोद्योग शहडोल में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुईं अनीता राणें बताती हैं कि अगस्त 2008 से प्रारंभ हुई पीएमईजीपी योजना स्वरोजगार का सपना संजोए सामान्य के साथ ही अन्य वर्ग के युवाओं को पैरों पर खड़ा होने के लिहाज से अच्छी योजना है। पर मध्यप्रदेश में 18 माह से यह योजना बंद जैसी स्थिति में है, क्योंकि लोग आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।
चुनाव से जोडऩा ठीक नहीं
नई इकाइयों को सब्सिडी मंजूर नहीं होने के मामले को चुनाव से जोडऩा ठीक नहीं होगा। वित्तीय वर्ष 2023-24 तक मंजूर प्रकरणों में ही सब्सिडी का बजट समाप्त हो जा रहा है। जैसे ही बजट की राशि बचने लगेगी तो नई इकाइयों को भी सब्सिडी दी जाएगी।
दिलीप जायसवाल
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
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