Shahdol news: डीएमएफ से होने वाले कार्यों की कैग से होगी ऑडिट

डीएमएफ से होने वाले कार्यों की कैग से होगी ऑडिट
परोक्ष प्रभावित क्षेत्रों में 70 और अपरोक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में 30 प्रतिशत राशि होगी व्यय

डिजिटल न्यूज़ शहडोल

जिले के विकास के लिए पांच वर्ष का प्लान तैयार किया जाएगा। डीएमएफ के कार्यों का ऑडिट कैग के माध्यम से कराया जाएगा। उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में आवास, कृषि, वानिकी तथा पशुपालन से संबंधित विषयों को भी जोड़ा गया है। नीति आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक विभाग का बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है। यह बात कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) की बैठक में दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ की राशि के उपयोग के संबंध में जारी नए निर्देशों के अनुसार खदान की सीमा से 15 किलोमीटर की दूरी तक की पंचायतों को परोक्ष रूप से प्रभावित तथा 25 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र को अपरोक्ष रूप से प्रभावित माना जाएगा। परोक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में 70 प्रतिशत तथा अपरोक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में 30 प्रतिशत राशि व्यय की जा सकेगी। इसके साथ ही 10 प्रतिशत राशि आपदा की परिस्थितियों के लिए आरक्षित रखी जाएगी तथा एजेंसियों को भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। बैठक में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जयसिंहनगर मनीषा सिंह, ब्योहारी शरद कोल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभा मिश्रा मौजूद रहीं। बैठक में प्राथमिकता के आधार पर हैंडपंपों की राइजर पाइप बढ़ाने, छात्रावास एवं आश्रमों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्कूलों एवं छात्रावासों के जीर्ण-शीर्ण शौचालयों की मरम्मत, नए मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र बनाने, प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों की मरम्मत एवं पीएम जनमन ग्रामों में पेयजल सुविधा से वंचित घरों तक पेयजल पहुंचाने के कार्यों को प्राथमिकता से कराने का निर्णय लिया गया। विधायकों द्वारा गाइडलाइन के अनुसार प्राथमिकता वाले कार्यों को स्वीकृत करने के प्रस्ताव दिए गए। इसके साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष शहडोल घनश्याम दास जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष बुढ़ार शालिनी सरावगी तथा नगर परिषद अध्यक्ष ब्योहारी राजन गुप्ता ने भी विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव दिए।

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