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दुख: सुशांत की मौत पर सामने आया माही का रिएक्शन, डायरेक्टर नीरज पांडे ने बताया- गहरे सदमे में हैं धोनी 

दुख: सुशांत की मौत पर सामने आया माही का रिएक्शन, डायरेक्टर नीरज पांडे ने बताया- गहरे सदमे में हैं धोनी 

हाईलाइट

  • 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने कहा, गहरे सदमें में हैं धोनी
  • फिल्म में सुशांत ने धोनी का किरदार निभाया था, यह फिल्म 30 सितंबर 2016 को रिलीज हुई थी और सुपरहिट भी रही थी

डिजिटल डेस्क। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी से फिल्म जगत सहित उनके फैंस और चाहने वाले स्तब्ध हैं। इस खबर से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी सदमे में हैं और वे इतने दुखी हुए हैं कि पूरी तरह से टूट गए हैं। इस हादसे ने उन्हें अंदर से हिलाकर रख दिया है। यह बात 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने बताई है। इस फिल्म में सुशांत ने धोनी का किरदार निभाया था। यह फिल्म 30 सितंबर 2016 को रिलीज हुई थी और सुपरहिट भी रही थी। 

बता दें कि 34 साल के सुशांत ने रविवार सुबह बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद सोमवार को मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सुशांत के निधन के बाद से ही हर किसी को धोनी के रिएक्शन का इंतजार है। हालांकि, धोनी की तरफ से सुशांत के निधन पर अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। 

नीरज पांडे ने कहा, ‘‘मैं अभी कुछ भी बोलने की हालत में नहीं हूं। मैं यही कह सकता हूं कि मैंने एक अपने बेहद करीबी दोस्त को खो दिया है। उन्होंने कहा, खबर सुनने के बाद मैंने माही भाई और दो दोस्त मिहिर दिवाकर और अरुण पांडे को भी फोन किया था। सभी इस दुखद खबर से सदमे में आ गए हैं। खबर सुनकर माही भाई को गहरा सदमा लगा है। वे इतने दुखी हुए हैं कि पूरी तरह से टूट गए हैं और गहरी उदासी में डूब गए हैं।

वहीं फिल्म के को-प्रोड्यूसर और महेंद्र सिंह धोनी के करीबी दोस्त अरुण पांडे ने कहा, धोनी के जीवन को बड़ी स्क्रीन पर बखूबी उतार पाएगा या नहीं, इसको लेकर सुशांत हमेशा चिंतित रहता था। फिल्म रिलीज (2016) से पहले भी वह टेंशन में ही था। पांडे अभी तक सुशांत की मौत पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, वह मुझसे कहता था कि, उम्मीद करता हूं कि मैं अच्छा करूंगा, वरना माही के लाखों फैंस मुझे कभी माफ नहीं करेंगे। लेकिन वह इतना मेहनती था कि मुझे उस पर विश्वास था कि वह अच्छा काम करेगा और उसने किया भी।

मांसपेशियों में खिंचाव के बाद भी प्रैक्टिस करता रहता था सुशांत
अरुण ने कहा, हेलिकॉप्टर शॉट की सुशांत ने काफी प्रैक्टिस की थी। एक दिन प्रैक्टिस के दौरान उसकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। हमें लगा था कि वह आराम करेगा, लेकिन खिंचाव के बावजूद भी उसने लगातार प्रैक्टिस की थी। सुशांत नहीं चाहता था कि उसके कारण फिल्म में थोड़ी भी देरी हो।

धोनी के किरदार को निभाने के लिए खुद को भाग्यशाली मानता था सुशांत
पांडे ने बताया कि, छोटी-छोटी चीजों में अंतर न आए, इसलिए वह माही से काफी सवाल पूछ करता था। दोनों बिहार से ही हैं, इसलिए दोनों के बीच तालमेल बनाने में मदद मिली। उन्होंने बताय कि, मैं, माही और सुशांत दिल्ली में धोनी के एयर इंडिया वाले मकान में गए थे। माही घर में जहां बैठते थे और खाना खाते थे, किरदार में ढलने के लिए सुशांत भी उनकी तरह वैसा ही करता था। घर में एक जगह ऐसी थी, जहां धोनी जमीन पर लेट जाते थे, तो सुशांत भी वैसा ही करता था। धोनी के किरदार को निभाने के लिए वे खुद को भाग्यशाली मानता था। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह ऐसा कुछ करेगा, वह इतना जिंदादिल था।लॉकडाउन से पहले हमने साथ में ही जिम सेशन में हिस्सा लिया था और हम नियमित रूप से संपर्क में थे। उसके जाने की खबर पर मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।