Akhuratha Sankashti Chaturthi: नोट कर लें अखुरथ संकष्टी गणेश चतुर्थी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हर महीने की चतुर्थी तिथि को प्रथम पूज्य भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। फिलहाल, हिन्दू पंचांग का नौवां महीना पौष चल रहा है और इसके कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी (Akhuratha Sankashti) के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर में यह साल की आखिरी संकष्टी चतुर्थी होती है।
इस बार अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 07 दिसंबर 2025, रविवार को पड़ रही है। इस दिन भक्त पूरे दिन का उपवास रखते हैं, जो चंद्रमा के दर्शन और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद तोड़ा जाता है। आइए जानते हैं पूजा का मुहूर्त और विधि...
संकष्टी चतुर्थी कब से कब तक
तिथि आरंभ: 07 दिसंबर 2025, रविवार की शाम 6 बजकर 24 मिनट से
तिथि समापन: 08 दिसंबर 2025, सोमवार की शाम 4 बजकर 3 मिनट तक
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व्रत की विधि
- चतुर्थी तिथि में सूर्योदय से पूर्व उठें और स्नानादि से निवृत्त हों।
- इस दिन कोई भी व्यक्ति व्रत रख सकता है, ऐसे में भगवान सूर्य को अर्ध्य देने के बाद व्रत का संकल्प लें।
- घर में पूजा के स्थान को साफ करें और मंदिर में दीपक जलाएं ।
- एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर इस पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
- भगवान गणेश का गंगाजल से अभिषेक करें।
- गणेश जी का आह्वान मंत्र पढ़ते हुए पूजा प्रारंभ करें- ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ति प्रचोदयात्
- भगवान गणेश को दूर्वा, हार, और फूल अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं।
- शाम के वक्त चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को जल चढ़ाकर पूजा करें।
- संकष्टी व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
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Created On :   6 Dec 2025 8:35 PM IST













