Bhadrapada Amavasya Upay: भाद्रपद अमावस्या पर करें ये आसान उपाय, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हिन्दू धर्म में भाद्रपद अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, पितरों का तर्पण और जरूरतमंदों की मदद करने की परंपरा है। मान्यता है कि अमावस्या पर श्रद्धा से किए गए इन कार्यों से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। ज्योतिषियों ने इस खास दिन के लिए कई उपाय भी बताए गए हैं। जिन्हें आजमाने से आपके जीवन में चलने वाली कई सारे समस्याएं खत्म हो सकती हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में...
यह भी पढ़े -970 साल से कुछ नहीं बदला - आकार, स्वरूप, बनावट और वस्त्रों में भी एकरूपता, चार पीढ़ियों से एक ही ब्राह्मण परिवार कर रहा पूजन
अमावस्या पर करें ये आसान उपाय
1. पितरों को जल से करें तर्पण
सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें। इसके बाद शांत मन से अपने पितरों का स्मरण करें और उन्हें जल अर्पित करें। धार्मिक परंपरा में जल में काले तिल और कुश मिलाकर तर्पण करने का भी महत्व बताया गया है। अगर विधि को लेकर जानकारी नहीं है, तो किसी जानकार पंडित की सलाह लेकर तर्पण करना बेहतर माना जाता है।
यह भी पढ़े -93 साल से गणेश भक्तों के लाडले है लालबाग चा राजा, देश ही नहीं विदेश में भी है काफी लोकप्रियता - रजब अली तय्यब अली ने दी थी जमीन
2. जरूरतमंदों को भोजन कराएं
अमावस्या के दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना शुभ माना जाता है। इसके अलावा अन्न, कपड़े या रोजमर्रा में काम आने वाली चीजों का दान भी किया जा सकता है। दान करते समय दिखावे के बजाय श्रद्धा और अपनी सामर्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
3. गाय, कुत्ते और पक्षियों के लिए भोजन निकालें
भाद्रपद अमावस्या पर जीव-जंतुओं के लिए भोजन निकालने की भी परंपरा है। आप अपनी क्षमता के अनुसार गाय को चारा, पक्षियों के लिए दाना और कुत्ते के लिए भोजन दे सकते हैं। इसे सेवा और जीवों के प्रति करुणा से जोड़कर देखा जाता है।
यह भी पढ़े -यहां पुराणों की आस्था से गूंजती हैं इतिहास की घंटियां, पेशवाकालीन निशानी से जुड़ी है बप्पा की भव्य मूर्ति
4. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से पितरों की शांति और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
5. 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जाप करें
पितरों का स्मरण करते हुए 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जाप किया जा सकता है। मंत्र जाप के दौरान मन को शांत रखें और अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करें। धार्मिक मान्यताओं में इसे पितरों के प्रति सम्मान प्रकट करने का सरल तरीका माना जाता है।
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।
Created On :   10 Sept 2026 7:10 PM IST











