comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Astrology advice: शनिवार के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, जानें इनके बारे में

Astrology advice: शनिवार के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, जानें इनके बारे में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि उनकी कुदृष्टि किसी पर पड़ गई तो राजा को रंक बनते हुए भी देर नहीं लगती। यही कारण है कि शनि देव को प्रसन्न करने का प्रयास सभी अधिक करते रहते हैं। मान्यतानुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक शनिवार को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाना चाहिए। 

यदि आप शनि को प्रसन्न रखना चाहते हैं, तो आपको शनिवार के दिन कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है। चूंकि शास्त्रों के अनुसार शनिवार के दिन कई काम वर्जित होते हैं, जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो शनिदेव रुष्ट हो जाते हैं और उनके क्रोधित होते ही दुर्भाग्य का साया व्यक्ति के सिर पर मंडराने लगता है। आइए जानते हैं इन कामों के बारे में...

मिथुन संक्रांति: जानें कब मनाया जाएगा ये पर्व और क्या है इसका महत्व

इन कामों से बचना चाहिए:
-शनिवार के दिन कभी लोहा नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा करने से बचना चाहिए।
- शनिवार के दिन सरसों का दान किया जाता है, लेकिन कभी सरसों का तेल या सरसों के दाने नहीं खरीदे जाते। 
- शनिवार को मांस मदिरा के सेवन से भी बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से शनि देव नाराज हो सकते हैं।
- शनि देवता पर काली उड़द भी चढ़ाई जाती है इसीलिए वह भी नहीं खरीदनी चाहिए।

क्या आपके घर में होती है कलह? या हमेशा कोई रहता है बीमार तो हो सकता है ये कारण

- इसके अलावा शनिवार के दिन मसूर दाल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। मसूर सूर्य और मंगल ग्रह से संबंधित खाद्य पदार्थ हैं और इन ग्रहों का शनि का के साथ शत्रुवत संबंध है। ऐसे में शनिवार के दिन मसूर दाल के सेवन करने से शनि नाराज हो सकते हैं।  
- इस दिन कैंची नही खरीदना चाहिए मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कैंची रिश्तों में तनाव लाती है। इसलिए इस दिन कैंची खरीदने से बचें।
- जूते या काले कपड़े खरीदने के लिए भी शनिवार का दिन सही नहीं है।
- नमक शनिवार के दिन खरीदने से घर में दरिद्रता आती है। इस दिन नमक खरीदने से यह घर पर कर्ज बढ़ता है। साथ ही ऐसा करना रोगकारी भी सिद्ध हो सकता है।


        

कमेंट करें
6uFm3
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।