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धनतेरस 2019: व्यापार वृद्धि यंत्र की करें स्थापना, व्यवसाय में होगी उन्नति 

धनतेरस 2019: व्यापार वृद्धि यंत्र की करें स्थापना, व्यवसाय में होगी उन्नति 

डिजिटल डेस्क। हिन्दू धर्म में वैसे तो हर एक त्यौहार का अपना अलग महत्व है, लेकिन दीपावली पूरे देशभर में रोशनी फैलाने के लिए आता है। इस त्यौहार पर देश दीप और लाइट्स से जगमगाता नजर आता है। इस त्यौहार की शुरुआत धनतेरस से मानी जाती है, जो कि आज है। इस दिन भगवान कुबेर और धन की देवी मां लक्ष्मी की अराधना की जाती है। इसके अलावा इस दिन कई सारे यंत्रों की स्थापना भी की जाती है, जिससे धनवृद्धि हो सके। 

व्यापार में विशेष लाभ प्राप्त करने के लिए इस दिन व्यापार वृद्दि यंत्र की स्थापना भी की जाती है। इसकी स्थापना से भाग्य में वृद्धि और व्यवसाय में उन्नति प्राप्त होती है। यह यंत्र व्यापार-व्यवसाय में तरक्की के साथ-साथ आय के नए साधनों को सृजित करता है। क्या है  व्यापार वृद्दि यंत्र और कैसे करें इसकी स्थापना, आइए जानते हैं...

लाभकारी है व्यापार वृद्धि यंत्र
ऐसे जातक जिन्हें लगातार व्यवसाय में आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिए यह यंत्र बहुत ही लाभकारी है। व्यापार में होने वाली हानि, घाटा और नुकसान से बचने के लिए व्यापार वृद्धि यंत्र का उपयोग अवश्य करना चाहिए। इस यंत्र को धनदाता और सर्वसिद्धिदाता कहा गया है। व्यापार वृद्धि यंत्र की रचना भोजपत्र, तांबे, चांदी या सोने के पत्र पर या स्फटिक पर की जा सकती है। 

चमत्कारी यंत्र 
यह एक अत्यंत चमत्कारी यंत्र है, लेकिन इसके चमत्कारी फलों का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि इसकी रचना शुभ समय कि जाए। इसमें रेखांकन शुद्ध हो और इसकी साधना विधि-विधान के साथ निष्ठापूर्वक की जाए। व्यापार वृद्धि यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा करके उसकी पूजा प्रतिदिन करना चाहिए। इससे दरिद्रता दूर रहती है और व्यापार में सफलता प्राप्त होती है। यंत्र की पूजा करते समय लक्ष्मी मंत्र का जप करना चाहिए।

लक्ष्मी मन्त्र का जाप
धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में व्यापार वृद्धि यंत्र के सम्मुख बैठकर लक्ष्मी मन्त्र से माला जप करने से धन का आगमन बना रहता है। इस यंत्र की विधिवत पूजा करने के बाद 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नम:' लक्ष्मी मंत्र का जाप करें। व्यापार वृद्धि यंत्र की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए और पूजा करते समय यंत्र के ऊपर इत्र आदि का छिड़काव करना चाहिए तथा धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करना चाहिए इससे रोजगार में वृद्धि होती है। इस यंत्र की नियमित रूप से पूजा पाठ एवं माला जप करने से लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

व्यापार वृद्धि यंत्र की पूजा 
व्यापार वृद्धि यंत्र की पूजा फूल, लड्डू, नारियल इत्यादि से करनी चाहिए। व्यापारियों, दुकानदारों को इस यंत्र की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा कर उसे अपनी दुकान या कार्यालय में विधिपूर्वक स्थापित करना चाहिए, व्यापार में यदि दिन-रात परिश्रम करते रहने पर भी उचित लाभ नहीं हो रहा है या घाटा हो रहा हो तो उन लोगों को ऐसे में व्यापार वृद्धि यंत्र की स्थापना पूर्व अथवा उत्तर दिशा में करनी चाहिए। विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कर स्थापित करना चाहिए। व्यापार वृद्धि यंत्र समस्त बाधाएं और कष्ट, क्लेश को दूर करता है।

नया व्यापार आरंभ पर करें पूजन
कोई नया व्यापार आरंभ करते समय, या किसी भी साझेदारी हेतु लेन-देन करते समय व्यापार वृद्धि यंत्र का पूजन और दर्शन करने से सफलता प्राप्त होती है। जो व्यापार में समृद्धि तथा संपन्नता प्राप्त करना चाहते हैं और दरिद्रता आदि को समाप्त करना चाहते हों उन्हें पवित्र मन से धनतेरस की संध्या को व्यापार वृद्धि यंत्र के सम्मुख अग्नि में गाय के दूध का हवन और लक्ष्मी के मंत्र का जप करना चाहिए। प्रतिदिन लक्ष्मी मन्त्र से 108 बार अर्थात एक माला का हवन करें तो उसे लक्ष्मी की प्राप्ति होगी।

ऐसे करें सिद्ध 
व्यापार वृद्धि यंत्र बनवाने के लिए सर्वप्रथम भोजपत्र या समतल चांदी, सोने, तांबे या स्फटिक पतरा तैयार करें या करवा लें। इस पतरे पर व्यापार वृद्धि यंत्र की आकृति के अनुसार उत्कीर्ण करके इसके तैयार होने पर स्वयं या फिर किसी ब्राह्मण से प्राणप्रतिष्ठा करवा लेनी चाहिए। इसके पश्चात संकल्प, करन्यास, ध्यान और हवन करना चाहिए। इस प्रकार विधि-विधान से शोध कर उसके मंत्र का जप, तप, हवन, तर्पण आदि करने से यह व्यापार वृद्धि यंत्र सिद्ध हो जाता है और व्यक्ति को किसी भी वस्तु का कोई अभाव नहीं रहता है।

व्यापार वृद्धि यंत्र का महत्व 
व्यापार वृद्धि यंत्र को व्यापार से संबंधित स्थल में स्थापित करने तथा नियमित शुद्ध मन से पूजा करने से व्यापार में आने वाली रुकावटों का अंत हो जाता है तथा विकास में वृद्धि होती है, धन का आगमन होता है। व्यापार में निरन्तर हानि या घाटा होने की स्थिति में इस यंत्र को अपने सम्मुख रखकर लक्ष्मी मंत्र जप करने से व्यापार में आश्चर्यजनक रूप से लाभ होता है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।