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महादेव शिव का श्रावण मास में राशि अनुसार किस विधि से पूजा करें ?

July 28th, 2018 20:18 IST
महादेव शिव का श्रावण मास में राशि अनुसार किस विधि से पूजा करें ?

डिजिटल डेस्क । भगवान शिव की पूजा करना वैसे तो बहुत कठिन माना गया हैं, लेकिन संसार में भोलेनाथ के नाम से प्रसिद्ध भगवान शिव अपने भक्तों की छोटी-सी आराधना से भी खुश हो जाते हैं। 28 जुलाई से श्रावण मास का आरम्भ होने वाला है। इस माह में भगवान शिव की विशेष विधि से पूजा की जाती है ऐसा कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव की पूजा करें तो उसे शीघ्र ही मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त उस व्यक्ति पर सदा भगवान शिव की कृपा दृष्टि बनी रहेगी। श्रावन का माह अर्थात शिवभक्तों के लिए आराधना का सर्वोत्तम समय माना जाता है। श्रावण के पवित्र माह में शिव को प्रसन्न करना अत्यंत सरल और कई गुना पुण्य प्राप्ति का फल देता है। तो आइए जानते हैं कि इस श्रावण मास में राशि के अनुसार किस विधि से पूजा करें ?

मेष

मेष राशि के जातकों को शिवजी को नागकेसर व धतूरे के फूल चढ़ाना चाहिए व नागेश्वराय नम: का जाप करना चाहिए।एंव  इस राशि के लोग पूरे श्रावण मास में 'ॐ ममलेश्वराय नम:' मंत्र का जाप करें।

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वृषभ

वृषभ राशि के जातकों को चमेली के फूल एवं अबीर चढ़ाकर रुद्राष्टाक का पाठ करने से मनवांछित फल होगा। एवं  इस राशि के लोग 'ॐ नागेश्वराय नम:' मंत्र का जाप पूरे श्रावण करें।

शिवलिंग पर अबीर के लिए इमेज परिणाम

मिथुन

मिथुन राशि के जातक को शिवजी को धतूरा, भांग चढ़ाकर साथ में पंचाक्षरी मंत्र “ॐ नम: शिवाय” का जाप एवं भूतेश्वराय नम:'  मन्त्र का जाप करने से अत्यंत लाभ होगा।

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कर्क 

कर्क राशि के जातक शिवलिंग का भांग मिश्रित दूध से अभिषेक करें और रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करें, एवं इस राशि के लोग महादेव के 'बारहा नाम'(12) का स्मरण करें अत्यंत लाभ होगा।

शिवलिंग पर भांग के लिए इमेज परिणाम

सिंह

सिंह राशि के जातक पूरे माह शिवजी को कनेर के फूल अर्पित करें तथा शिव मंदिर में शिव चालीसा एवं पंच्क्षारी मन्त्र “ॐ नम: शिवाय” की रोज एक माला करें तनाव और क्लेश दूर होंगे।

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कन्या

कन्या राशि के जातक शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि का श्रृंगार चढ़ाएं और पंचाक्षरी मंत्र “ॐ नम: शिवाय”  का जाप करें एवं कन्या राशि वाले 'शिव-चालीसा' का पाठ रोज मंदिर में करें तो लाभ होगा।

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तुला

तुला राशि के जातक शमी पत्र चढ़ाएं और मिश्री मिले दूध मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए शिव के सहस्रनाम का जाप करे और 'शिवाष्टक' का पाठ करें मनवांछित फल प्राप्त होगा।

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वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातक भोलेनाथ को नील कमल पुष्प व बिल्वपत्र की जड़ चढ़ाएं और नित्य रुद्राष्टक का पाठ करें  एंव  इस राशि के लोग पूरे श्रावण मास में 'ॐ महा ममलेश्वराय नम:' मंत्र का जाप करें तो शनि के कष्ट से मुक्ति मिलेगी।

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धनु

धनु राशि के जातकों को चाहिए कि वे प्रात: शिवजीलिंग पर शमी पत्र अर्पित करें और पीले फूल चढ़ा कर, प्रसाद के रूप में खीर का भोग लगाएं और शिवाष्टक का पाठ करें एवं महामृत्युंजय मन्त्र का जाप अवश्य करें शनि के कष्ट से मुक्त होंगे।

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मकर 

मकर राशि के जातक शांति और समृद्धि के लिए शिवजी को धतूरा, फूल, भांग एवं अष्टगंध चढ़ाकर “पार्वतीनाथाय नम:” मन्त्र का जाप करें एवं शिव चलीसा का पाठ करें तो शुभकारी होगा।

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कुंभ 

कुंभ राशि के जातक शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक करें एवं शिवाष्टक का पाठ करें,एवं बिल्व पत्र चडाएं एंव “ॐ मन: शिवाय” का जाप करें आर्थिक लाभ मिलेगा। 

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मीन 

मीन राशि के जातक शिवलिंग पर पंचामृत, दही, दूध व पीले फूल चढ़ाएं एवं चंदन की माला से 108 बार पंचाक्षरी मंत्र “नम: शिवाय” का जाप करें, धन-धान्य में अपार वृद्धि होगी।

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ऐसा कहा गया है कि अगर राशि के अनुसार हर भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं तो उस पर भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती हे साथ ही परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहेगी । वैसे हमारे जीवन में राशि का विशेष महत्व बताया गया है जिससे हम भविष्य का पूर्वनुमान लगा सकते हैं।

ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद पोद्दार 
भोपाल.म.प्र.भारत
9993031142

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।