मान्यता: यूं ही नहीं आम की लकड़ी को हवन के लिए माना जाता है श्रेष्ठ, इस चमत्कारिक लकड़ी में हैं कई गुण, सुख-शांति और बच्चे के लिए है फायदेमंद

June 18th, 2022

डिजिटल डेस्क, भोपाल।  हिंदू धर्म में जब भी कोई शुभ कार्य किया जाता है, तो उस कार्य के शुरु करने से पहले हवन करवाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हवन करने से वातावरण शुद्ध हो जाता है, इस के साथ ही घर में सुख समृद्धि आती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। हवन करते समय आम की लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। तो आज हम आप को बताने जा रहे हैं, कि हवन में आम की लकड़ियों का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इसका क्या महत्व होता है। 

क्यों शुभ है आम की लकड़ी?

ऐसी मान्यता है कि आम की लकड़ी उर्वरता, पवित्रता और देवत्व का प्रतीक है। इसी वजह से आम की लकड़ियों का इस्तेमाल हवन में किया जाता है। 
कहा जाता है की हवन  करने से न सिर्फ मनुष्य बल्कि वनस्पतियों एवं फसलों को नुकसान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का भी नाश होता है। ऐसा करने से फसलों में रासायनिक खाद का इस्तेमाल कम किया जाए। 
हवन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर हो जाती हैं। इस के बाद घर में  सकारात्मकता का संचार भी होता है। हवन करने से मानसिक तनाव दूर होता है और शांति मिलती है। 

सुखमय जीवन के लिए

बताया जाता हैं कि हवन में आम की लकड़ी का प्रयोग करने से वर और वधु के जीवन में समृद्धि व सुख-शांति आती है। वर और वधु  हमेशा प्रेम-पूर्वक रहते हैं।

जब घर में एक छोटा नया मेहमान आता है। शिशु ग्रह दोषों से बचाने और स्वस्थ्य जीवन के लिए हवन करना बहुत लाभप्रद माना जाता है। 

इन रोगों से छुटकारा

अध्ययनकर्ताओं के अनुसार जब आम की लकड़ी जलती है तो इसमें से फॉर्मिक एल्डिहाइड नाम की एक गैस निकलती है। ये गैस जीवाणुओं और खतरनाक बैक्टीरिया को मारने का काम करती है। इससे वातावरण शुद्ध होता है। इसके अलावा हवन के धुएं से टाइफाइड जैसे रोग फैलाने वाले जीवाणु भी मर जाते हैं। आम की लकड़ी से हवन करने से  फेफड़ें और श्वास संबंधी समस्याएं दूर होती है। ये आप के शरीर को शुद्ध करती है। 
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार आम की लकड़ी का इस्तेमाल जब हवन के दौरान किया जाता है तो बुरी आत्माओं और किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाया जा सकता है। 

डिसक्लेमरः ये जानकारी अलग अलग किताबों और अध्ययन पर आधारित है। भास्कर हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है।