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जानिए कैसे प्रज्वलित करें दीपक, किस दिशा में रखें लौ 

June 26th, 2018 18:21 IST

डिजिटल डेस्क, भोपाल। दीपक हर किसी के घर में जलाया जाता है। दिया में सूत की बाती के साथ तेल या घी डालकर जलाते हैं। ऐसे सभी दिया जलाते हैं, इसलिए हम भी जलाते हैं। क्या हम ये जानते हैं कि दिया वाकई में धर्मशास्त्र के अनुसार कैसे जलाया जाता है, किस दिशा में उसकी लौ होना चाहिए। हम में से कई लोग हैं जो ये नहीं जानते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे दिया प्रज्वलित किया जाता है, घर में कितने दिए रखना चाहिए, एक समय में कितने दिए जलाएं और किस दिशा में उनकी लौ हो।

दिया जलाने का सही तरीका 

दिया जलाने से पहले सबसे पहले ये जान लेना आवश्यक है कि दिया कौन सा है, क्योंकि आजकल बाजारों में स्टील के, तांबे के, पीतल के और भी कई प्रकार की अलग-अलग चीजों के मिलते हैं। लेकिन पुराने समय से पूजा के लिए मिट्टी का दिया ही इस्तेमाल किया जाता है और इसे ही शुभ भी माना जाता है। इसलिए जब भी दिया जलाएं घर में तो दिया मिट्टी का ही होना चाहिए। दिये दो तरह से जला जाते हैं घी का दिया और तेल का दिया। अगर घर में दिया जला रहे हैं तो घी का दिया जलाना चाहिए। तेल का इस्तेमाल यदि करना है तो प्योर तिल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। सरसों के तेल का इस्तेमाल केवल घर के बाहर पीपल के पेड़ के पास दिया जलाने पर किया जाता है। हमेशा याद रखें कि सरसों के तेल का दिया कभी भी घर में नहीं जलाना चाहिए।


कितने दिये प्रज्वलित करें 

आपको कम से कम एक बार में 11 दिये प्रज्वलित करने हैं। जिसमें से 5 आप अपने पूजा घर में रख सकते हैं और एक दिया आपके मेन गेट में रखा हुआ हो, एक दिया तुलसी के पौधे में लगाएं, एक किचन में हो, एक बाथरूम के बाहर हो, एक सोने की जगह यानी कि बेडरूम में हो और एक डायनिंग रूम में होना चाहिए। इससे कम दिये यदि जलाना हों तो पांच दिये इकट्ठे पूजा घर में लाएं। दिये की लौ नॉर्थ ईस्ट पर रखें, इसे ईशान कोण भी कहते हैं। इससे समस्त देवी-देवता प्रसन्न होंगे।

दीपावली की बात की जाए तो दिवाली अमावस्या की रात को होती है। इस दिन और रात एनर्जी बहुत लो होती है। अमावस्या और पूर्णिमा के दिन एनर्जी लो होती है, तो उस दिन खासतौर पर 21 दिये स्पेशली दिवाली के दिन जरूर प्रज्वलित करें। जिसमें से 9 ग्रहशांति के लिए, 5 यम के लिए, 1 लक्ष्मी के लिए, 1 सरस्वती के लिए, 1 गणेश जी के लिए और 4 अमावस्या के लिए कुल मिलाकर 21 दिये तो अवश्यरूप से जलाना चाहिए। ऐसा करने से आपको शुभ-लाभ प्राप्त होंगे। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।