दैनिक भास्कर हिंदी: रमजान के पाक माह में होंगी दुआएं कुबूल, रोजेदारों को नहीं करना चाहिए ये गलतियां

June 4th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। इस्लाम धर्म में कहा जाता है कि एक अच्छा इंसान बनने से पहले एक सच्चा मुसलमान बनना बेहद जरूरी है। जिसके लिए व्यक्ति को पांच नियमों या कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। ये पांच कर्तव्य हैं ईमान यानी कलिमा तय्यब, नमाज़, रोज़ा, हज, ज़कात। इन पांचों का पालन करने वाला ही एक सच्चा मुसलमान कहलाता है।

क्या है रोज़ा ? 

रोज़ा रमज़ान के पाक महीने में किया जाता है। इस पाक महीने को माह-ए-रमज़ान भी कहा जाता है। इस माह में दिनभर करीब 15 घंटे बगैर कुछ खाए-पिए रहकर कठोर तप करना होता है। इस्लाम धर्म में रोज़ा रखना आवश्यक माना जाता है। कुछ परेशानी के चलते चंद लोगों के रोजे छूट जाते हैं, लेकिन अधिकांश लोग रमज़ान के पाक माह में रोज़ा जरूर रखते हैं। सभी मस्जिदों के अलावा अन्य स्थानों पर भी तरवीह की नमाज अदा करते हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर सात दिनों में, तो कुछ स्थानों पर 27 दिनों में तरवीह पढ़ी जाती है। इस्लाम धर्म में रमज़ान में हर बालिग मुस्लिम पुरुष और महिला को रोज़ा रखना फर्ज माना जाता है।

 


रमजान की ऐतिहासिक कहानी

रमजान इस्‍लामिक कैलेंडर का नवां महीना होता है। रमजान का मतलब होता है प्रखर। सन् 610 में लेयलत उल-कद्र के मौके पर जब मुहम्‍मद साहब को कुरान शरीफ के बारे में पता चला, तभी से इस महीने को पवित्र माह के रूप में मनाया जाने लगा।

रोजे के दौरान क्या करें 

रमजान माह के दौरान जो भी रोजा रखता है उसे रोजेदार कहा जाता है। रोजेदारों के लिए इस माह में कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें करने से शबाब मिलता है। जिसके बारे में कुरान शरीफ में भी बताया गया है।

 


बुराई से दूर रहें 

रमज़ान के पाक माह में रोज़ेदारों को किसी की भी बुराई नहीं करना चाहिए। यदि कोई किसी से बुराई कर भी रहा है तो उससे दूर ही रहना चाहिए।

स्‍त्री को गलत नीयत से न देखें 

रोज़ेदारों को पाक और पवित्र रहना चाहिए। इस दौरान किसी भी पराई स्त्री को बुरी नीयत या नज़र से नहीं देखना चाहिए। स्त्रियों का आदर सम्मान करना चाहिए।

लड़ाई-झगड़ों से दूर रहें 

इस दौरान रोज़ेदारों को लड़ाई झगड़े से दूर रहना चाहिए। ना ही किसी कुछ बुरा कहना चाहिए और ना ही किसी की लड़ाई में शामिल होना चाहिए।

नेक काम करें 

इस माह में नेक काम करने वालों को अल्लाह बरकत देते हैं। इसलिए इस माह में नेक काम करना चाहिए।

झूठ ना बोलें 

इस माह को बेहद पाक और पवित्र माना जाता है। इसलिए इस माह में झूठ बोलना भी वर्जित होता है।

नशा ना करें 

इस पाक माह में नशा करना, जुआ-सट्टा खेलना भी बर्जित होता है।

अल्‍लाह का नाम लें 

इस माह में आप जितनी अल्लाह की इबादत करेंगे उतना ही शबाब आपको मिलेगा। इसलिए हर समय इस माह में अल्लाह का नाम लेना चाहिए।

कलमा पढ़ते रहें 

इस माह में कलमा पढ़ते रहना चाहिए। कलमा चलते-फिरते, उठते-बैठते हर समय पढ़ते रहना चाहिए।

अस्‍तग़फार 

अस्‍तग़फार का मतलब होता है अपने गुनाहों की माफी मांगना। इस पाक माह में अपने द्वारा किए गए गुनाहों की माफी मांगने से अल्लाह पाक उन गुनाहों को माफ कर देते हैं।

जन्‍नत में जाने की दुआ करें

इस पाक माह में हर दुआ कुबूल की जाती है इसलिए इस पवित्र महीने में जन्नत में जाने की दुआ मांगना चाहिए।