व्रत: साल की पहली मासिक शिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा

January 20th, 2023

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का दिन माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं। इस बार साल की पहली मासिक शिवरात्रि 20 जनवरी 2023, शुक्रवार को पड़ रही है। मान्यता है कि, इस व्रत को करने से कुंवारी कन्याओं को मानचाहे वर की प्राप्ति होती है, साथ ही विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।

शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे। इस दिन शिव लिंग पर पुष्प चढ़ाने तथा शिव के मंत्रों के जप का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं इस व्रत से होने वाले लाभ और पूजा की विधि...

व्रत से होने वाले लाभ
ज्योतिषविद के अनुसार, शिव चतुर्दशी का व्रत जो भी व्यक्ति पूरे श्रद्धाभाव से करता है उसके माता-पिता के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही स्वयं के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं तथा वह जीवन के सम्पूर्ण सुखों का भोग करता है। इस व्रत की महिमा से व्यक्ति दीर्घायु, ऐश्वर्य, आरोग्य, संतान एवं विद्या आदि प्राप्त कर अंत में शिवलोक जाता है।

शिव चतुर्दशी व्रत विधि 
- सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्यक्रमादि से निवृत्त होकर स्नान करें।
- सूर्यदेव को जल दें और व्रत का संकल्प लें।
- इस दिन भगवान शिव की पूजा में सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक करें। 
- शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, शक्कर या चीनी, गंगाजल तथा गन्ने के रसे आदि से करें।
- अभिषेक के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
- अभिषेक करने के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, समीपत्र, कुशा तथा दुर्बा आदि चढ़ाएं। 
- पूजा के दौरान गाय के घी का दीपक जलाएं।
- पूजा के अंत में शिव जी को भोग के रुप में गांजा, भांग, धतूरा तथा श्री फल (नारियल) समर्पित करें।

रात्रि के समय शिव मंत्रों का करें
“ॐ नम: शिवाय” या”  शिवाय नम:”
या
'ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ'