दैनिक भास्कर हिंदी: क्या आप जानते हैं कौन हैं 'सांता क्लॉस' आपको क्यों देने आते हैं गिफ्ट ?

December 22nd, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संत निकोलस, जो हर साल क्रिसमस डे पर बच्चों को उपहार देने आते हैं। चांद के बीच आसमान से ये अपने रथ पर सवार होकर आते हैं। इनके रथ को रेंडियर खींचते हैं, यह दृश्य किताबों, कहानियों में देखने पढ़ने व सुनने मिलता है, लेकिन संत निकोलस के बारे में आप जरूर जानना चाहेंगे, जो बच्चों के उपहार देकर हर साल उनकी खुशियों को दोगुना कर देते हैं। 

 

मायरा में जन्म 

संत निकोलस यूरोप में अत्यंत लोकप्रिय संत थे जो अत्यंत ही दयालु थे। उनका जन्म तीसरी सदी में ईसा मसीह की मृत्यु के लगभग 280 साल बाद उस समय के ग्रीक और वर्तमान में तुर्की के दक्षिणी हिस्से में मायरा नामक स्थान पर हुआ था। इनके संबंध में अनेक कहानियां प्रचलित हैं। 

 

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बच्चों के बीच बहुत ही लोकप्रिय 

कहा जाता है कि बचपन में ही इनके माता पिता का देहांत हो गया था। उनका बचपन कठिनाईयों में बीता, जिसके बाद उन्होंने लोगों की सेवा करने का निर्णय लिया। बड़े होकर संत बन गए। उन्हें बचपन में कोई खुशी नही मिल सकी, इसलिए वे बच्चों को हमेशा खुश करना चाहते थे। वे बहुत ही हंसमुख मिजाज के थे इसलिए बच्चों के बीच बहुत ही लोकप्रिय हुए। 

 

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मोजे में रख दिए साेने के सिक्के

कहा जाता है कि एक बार एक व्यक्ति गरीबी के कारण अपनी तीन बेटियों का विवाह नही कर पा रहा था। वह अत्यंत गरीबी में जी रहा था। जिससे उसकी बेटियों की दासी बनने की नौबत आ गई। जब संत निकोलस को ये बात पता चली तो उन्होंने उन मोजों में सोने के सिक्कों की थैली रख दी जो उस व्यक्ति की तीनों बेटियों ने सूखने के लिए डाले थे। बताया जाता है कि तभी से क्रिसमस पर उपहार देने का प्रचलन शुरू हुआ और रात को लोग मोजे लटकाने लगे। संता क्लॉस  मूलत: संत निकोलस ही हैं और उपहार देने की परंपरा लगभग पूरी दुनिया में है।