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श्री दुर्गा बीसा यंत्र सिद्धि से मिलती है आर्थिक स्थिरता

June 19th, 2018 12:58 IST
श्री दुर्गा बीसा यंत्र सिद्धि से मिलती है आर्थिक स्थिरता

डिजिटल डेस्क । श्री दुर्गा सप्तशती के अध्याय 4, श्लोक 17 के अनुसार यदि दुर्गा बीसा यंत्र को सिद्ध कर प्रति दिन पूजा की जाए तो ये उपासक को आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है| और गले या भुजा पर इसे धारण करने से भी यह सुखद परिणाम देता है| दुर्गा बीसा यंत्र हर यंत्रों के विभिन्न प्रकारों में विख्यात और अत्यंत प्रभावशाली भी है। इस यंत्र की उपासना की भी एक विशेष विधि है जिसमे यन्त्र को फूलों के साथ, दीपक के धुएँ में रखा जाता है।

ये यंत्र भगवती दुर्गा शक्ति का रूप हैं , सभी देवताओं ने मिल कर अपने अस्त्रों-शस्त्रों से जिस शक्ति को प्रकट किया है उसी शक्ति पुंज का नाम दुर्गा है। दुर्गा माँ के कई रूप हैं , 
जिनमे प्रमुख लक्ष्मी,सरस्वती,कालिका का रूप है जिसके प्रभाव से संसार को बुद्धि / वाणी / ऐश्वर्या / प्रतिष्ठा और बल का आशीर्वाद मिलता है। नवरात्रि,या गुप्तनवरात्रि (इस बार गुप्तनवरात्री 14 जुलाई 2018 से 21 जुलाई 2018 तक है ) के पावन पर्व पर देवी दुर्गा से आशीष प्राप्त करने का सुंदर अवसर माना जाता है।


नवरात्रि के अवसर पर ''श्री दुर्गा बीस यंत्र '' की सिद्धि की जाती है, श्री दुर्गा बीसा यंत्र पर विधि सहित त्रिशक्ति का मंत्र पढ़ कर लाल कपड़े में बांध कर अपने दुकान के गल्ले में या किसी विशेष कार्य पर जाते समय अपनी उपरी जेब में रख कर ले जाने से विशेष रूप से सफलता की प्राप्ति होती है।

कई युगों से राजपुराहित अपने राजा को भी युद्ध से पहले '' श्री दुर्गा बीसा यंत्र'' सिद्ध करके प्रदान करते थे, व्यापारियो को बिक्री की वृद्धि हेतु और कार्य बंधन खोलने हेतु भी ''श्री दुर्गा बीसा यंत्र '' की स्थापना अपनी दुकान या कारखाने में की जाती थी , राजनेता भी चुनाव में जीत की कामना करते हुए श्री दुर्गा बीसा यंत्र की सहायता लेते हैं, यहाँ तक की किसी नौकरी या किसी विशेष कार्य पर जाते समय भी श्री दुर्गा बीसा यंत्र अपना खूब प्रभाव दिखाता है।

इस यंत्र को सिद्ध करने के लिए जिस मन्त्र का प्रयोग किया जाता है वो इस प्रकार है।

ॐ ऐंग हरिंग कलिंग चामुण्डाय विचै नम:  

इस यंत्र का प्रयोग करने के लिए मानसिक एवं शारीरिक स्वच्छता का होना आवश्यक है। इस यंत्र को अपने गुरु / साधक / ब्राह्मण / तांत्रिक के सानिध्य में ही सिद्ध करें या करवाएं। 

इस यंत्र में सरस्वती,लक्ष्मी,कालिका की शक्ति का साक्षात् रूप में वास होता है, देवी के इन पवित्र रूपों की मर्यादा अवश्य बनाये रखें, फिर देवी से माँ के रूप में आशीष मांगे, मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होती है।

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