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Solar Eclipse: सूर्यग्रहण समाप्त, आसमान में दिखा 'रिंग ऑफ फायर' का नजारा


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल के सबसे बड़े दिन आज यानी 21 जून को साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण लगा। 25 साल बाद ये पहला मौका है जब वलायाकार यानी अंगूठी की तरह दिखने वाला ग्रहण लगा। रविवार के दिन ग्रहण लगने की वजह से इसे चूणामणि ग्रहण कहा गया। यह एक कंकणाकृति खण्डग्रास सूर्य ग्रहण था, जो 900 साल बाद लगा। आज से 900 साल पहले इस तरह का नजारा आसमान में दिखाई दिया था। इस ग्रहण में चंद्रमा ने सूर्य का करीब 98.8% भाग ढक दिया। ज्योतिष के मुताबिक यह इस साल का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण था, जो करीब 6 घंटे तक रहा। भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण सुबह 09:15 पर आरंभ हुआ और 03:04 बजे समाप्त हुआ। सूर्य ग्रहण दोपहर 12:10 बजे अपने चरम पर था। 

'रिंग ऑफ फायर'

सूर्यग्रहण की वजह से देश के कई राज्य जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश में अंधेरा नजर आया। ठीक 12.10 मिनट पर कुछ राज्यों में घना अंधेरा दिखाई दिया। सूर्य ग्रहण के दौरान भारत के कई शहरों में आसमान में सूर्य का घेरा एक चमकती अंगूठी की तरह नजर आया। ज्योतिषियों के मुताबिक लगभग 05 घंटे 49 मिनट तक यानी करीब 6 घंटे के इस ग्रहण (Solar Eclipse) में ग्रहों के संयोग से कई परिणाम देखने को मिल सकते हैं। सूर्य ग्रहण भले ही खगोलीय घटना हो, लेकिन धर्म-ज्योतिष और विज्ञान में इसके अपने मायने होते हैं। ज्योतिषों की मानें तो महामारी के दौर में लगने वाला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) काफी अशुभ है। ये न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में रोग और महामारी वाला ग्रहण साबित हो सकता है।

जम्मू-कश्मीर में सूर्यग्रहण 
 

उत्तराखंड में सूर्यग्रहण का नजारा
 

हरियाणा में सूर्यग्रहण 
 

राजस्थान में सूर्यग्रहण की तस्वीरें

गुजरात में नारंगी रंग में दिखा सूर्यग्रहण 
 

महाराष्ट्र में कुछ इस तरह दिखा सूर्यग्रहण 
 

इन देशों में दिखाई दिया नजारा
इस सूर्य ग्रहण को भारत समेत नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूऐई, एथोपिया तथा कोंगों में दिखाई दिया। भारत में देहरादून, सिरसा अथवा टिहरी कुछ प्रसिद्ध शहरों में लोग वलयाकार सूर्य ग्रहण देखा गया। वहीं देश के अन्य हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।

क्यों होता है सूर्य ग्रहण ?
जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य की चमकती सतह चंद्रमा के कारण दिखाई नहीं पड़ती हैं। वहीं चंद्रमा की वजह से जब सूर्य ढकने लगता है तो इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहते हैं। इसके अलावा जब सूर्य का एक भाग छिप जाता है तो उसे आंशिक सूर्यग्रहण कहते हैं। जबकि सूर्य जब कुछ देर के लिए पूरी तरह से चंद्रमा के पीछे छिप जाता है तो उसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहते हैं। पूर्ण सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को ही होता है जो कि आज है।

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