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नवरात्रि में महानिशा पूजा का है विशेष विधान, करें देवी जागरण

नवरात्रि में महानिशा पूजा का है विशेष विधान, करें देवी जागरण

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 6 अप्रैल से वासंतिक नवरात्रि प्रारम्भ हो गई है। इस समय लोग माता रानी के व्रत रखकर साधना कर रहे हैं। जिससे उन्हें आने वाले समय में धन-सम्पदा और वैभव की प्राप्ति होगी। बसंत ऋतु के साथ हिन्दू नव वर्ष का आगमन माता दुर्गा की शक्ति के साथ आता है। माता सभी प्रकार के कष्टों का हरण करके अपने पुत्रों को सुखी करती है। बसंत ऋतु मानो माता की कृपा का प्रतीक बनकर हर्ष और मधु युक्त वातावरण प्रदान कर एक नई ऊर्जा का जनमानस में संचार करता है।

चैत्र शुक्ल पक्ष से प्रतिपदा से प्रारम्भ होकर नवमी तक माता के नवरूपों की भक्तों द्वारा आराधना की जाती है। माता का अष्टम रूप महागौरी का है एवं नवां रूप सिद्धिदात्री का है। महानिशा में हीं भवानी की उत्पत्ति होती है,और अपने नवें स्वरूप से अपने भक्तों को सिद्धि प्रदान करती हैं।

कैसे करें पूजा
किन्तु अधिकतम देवी भक्तों को यह नहीं पता होता है कि दुर्गा मां की पूजा कैसे करें। जिससे वह प्रसन्न हो सके और अपना आशीर्वाद प्रदान करें। किसी भी नवरात्रि में महानिशा की पूजा का विशेष विधान होता है। जिसके द्वारा भक्त मां दुर्गा की मन से साधना कर उन्हें प्रसन्न करते है मांगी हुई मुरादें पूरी होती है।

करें देवी जागरण
इस बार 12 अप्रैल को महानिशा पूजा करने की विशेष तिथि है। सप्तमी तिथि की रात और अष्टमी की सुबह तक के वक्त को महानिशा कहते हैं जो सप्तमी मध्य रात्रि से आरम्भ होती है। इस दिन देवी भक्त रातभर जागरण करते हैं और देर रात तक मां जगदम्बे की विशेष पूजा अर्चना विधि विधान से करते हैं। इसके साथ कई धार्मिक अनुष्ठान कर देवी मां को प्रसन्न किया जाता है। इसलिए देवी भक्तों को चाहिए कि वह 12 अप्रैल को अवश्य देवी जागरण में भाग लें और रातभर जागकर माता की पूजा-साधना करें।

कभी नहीं रहती धन की कमी
महानिशा काल (मध्य रात्रि) में देवी महागौरी के पूजन का विशेष महत्व है। महानिशा काल को महानिशीथ काल भी कहते हैं। वाम मार्ग में इस रात को बलि का विधान है। बलि अर्थात अपने प्रिय से प्रिय वस्तु का समर्पण। शास्त्रों के अनुसार अष्टमी जिस दिन मध्य रात्रि में प्राप्त हो उसी दिन रात को महानिशा पूजा की जाती है। माता महागौरी भगवान शंकर की अर्धागिनी होने के नाते समस्त कामनाओं को पूर्ण करती हैं। ये सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं। इसी दिन मां महागौरी की उत्पत्ति भी मानी गयी है। इस दिन अन्नपूर्णा के पूजन से घर में कभी धन धान्य की कमी नहीं रहती है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।