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उत्तराखंड: ब्रह्म मुहूर्त में खुले भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट, पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा


हाईलाइट

  • लॉकडाउन के बीच खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट
  • मुख्य पुजारी, धर्माधिकारी समेत 28 लोग शामिल हुए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के कपाट आज (शुक्रवार) ब्रह्म मुहूर्त में तड़के साढ़े चार बजे खोल दिए गए। कोरोनावायरस के कारण इस कम लोग ही मंदिर में आए। बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी, धर्माधिकारी समेत 28 लोग शामिल हुए। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से हुई। हर साल की तरह इस वर्ष भी मंदिर को फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया। वेद मंत्रों के पाठ के साथ भगवान बद्री विशाल के गर्भ गृह के द्वार खोले गए। 

10 क्विंटल फूलों से सजाया गया
बद्रीनाथ धाम को 10 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया। पुष्प सेवा समिति ऋषिक ने मंदिर को भव्य तरीके सजाया। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए बद्रीनाथ सिंह द्वार, मंदिर परिसर, परिक्रमा स्थल, तप्त कुंड के साथ विभिन्न स्थानों को लगातार सैनिटाइज भी किया जा रहा है। 

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सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना जरूरी
अधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि बद्रीनाथ धाम परिसार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। वहीं हर शख्स को मास्क पहनना जरूरी है। लॉकडाउन लागू होने तक धाम पहुंचे पुजारियों बिना प्रशासन की अनुमति के बद्रीनाथ क्षेत्र से दूसरे स्थान पर नहीं जा सकते। 

30 अप्रैल को खुलने वाले थे कपाट
इससे पहले 30 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खोले जाने वाले थे। लेकिन कोविड-19 की कारण धाम से जुड़े बोर्ड की बैठक में कपाट खुलने की तारीख को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बता दें प्रशासन ने कपाट खुलने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम दोनों जगहों पर रास्तों पर जमी बर्फ हटा दी गई थी। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और पूजा अर्चना के बाद बीते 29 अप्रैल को खोल दिए गए थे। जबकि  गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को अक्षय तृतिया के मौके पर वैदिक मंत्रोच्चारण व पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। गंगोत्री धाम के कपाट 12.35 व यमुनोत्री के कपाट ठीक दोपहर 12.41 पर खोले गए।

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