दैनिक भास्कर हिंदी: व्रत: जानें विनायक चतुर्थी पर कैसे करें भगवान गणेश को प्रसन्न, क्या है पूजा विधि

November 18th, 2020

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की पूजा किसी भी शुभ कार्य से पहले की जाती है, इसलिए इन्हें प्रथम पूज्य के नाम से भी जाना जाता है। वहीं बुधवार का दिन इनकी पूजा के लिए सभी दिनों में उत्तम माना गया है। हालांकि माह में दो बार चतुर्थी तिथि आती है, जब श्री गणेश का जल्द प्रसन्न किया जा सकता है। यह तिथि आज बुधवार को है, शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है।

मान्यता है कि विनायक चतुर्थी के प्रभाव से जीवन में आ रही रुकावटें दूर हो जाती है। इसके अलावा इस व्रत को विधि-पूर्वक करने से मनोकामना पूरी होती है। इस दिन गणपति की पूजा करने से सुख-समृद्धि, धन-दौलत के साथ ही ज्ञान और बुद्धि की भी प्राप्ति होती है।

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पूजा विधि 
गणेश जी की पूजा के लिए सुबह नित्यक्रिया से निवृत हो जाएं। इसके बाद घर के पूजा स्थल या मंदिर में गणेश जी की पूजा से पहले साफ सुथरे कपड़े पहनें। पूजा के समय गणेश मंत्र का उच्चारण करें। मंत्र उच्चारण और आवाहन के बाद दूर्वा, फूल, चंदन, दही, पान का पत्ता और मिठाई आदि भगवान गणेश को अर्पित करें। इतना करने के बाद धूप-दीप जलाकर विनायक चतुर्थी कथा का पाठ करें। पाठ के बाद भगवान गणेश की आरती कर प्रसाद का वितरण करें।

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ध्यान रखें ये बातें
. गणेश पूजन के बाद भोग लगाए प्रसाद में से कुछ गरीबों या ब्राह्मणों में बांट दें। यदि आप इस दिन ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराते हैं और कुछ दान करते हैं तो भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।
. चतुर्थी व्रत में दिन भर उपवास रखें और शाम को भोजन ग्रहण करने से पूर्व गणेश चतुर्थी व्रत कथा, गणेश चालीसा आदि का पाठ जरूर करें।
. शाम को संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ और श्री गणेश की आरती करें। ॐ गणेशाय नम: मंत्र के जाप से अपने व्रत को पूर्ण करें।