Dusra Sawan Somwar 2026: सावन के दूसरे सोमवार पर 6 साल बाद बन रहा है ये शुभ संयोग, जानिए मुहूर्त और पूजा विधि

सावन के दूसरे सोमवार पर 6 साल बाद बन रहा है ये शुभ संयोग, जानिए मुहूर्त और पूजा विधि
सावन सोमवार के दिन लोग व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। साथ ही बेलपत्र, फूल, धतूरा, फल व प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सावन का महीना चल रहा है और हिन्दू धर्म में इसका बड़ा महत्व है। खास तौर पर इस महीने के सभी सोमवार खास माने जाते हैं। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। लोग व्रत रखते हैं, भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं और बेलपत्र, फूल, धतूरा, फल व प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस साल सावन का पहला सोमवार निकल चुका है और दूसरा सावन सोमवार 10 अगस्त को है।

ज्योतिषियों के अनुसार, इस सोमवार को पूरे 6 साल बाद एक शुभ संयोग बन रहा है। यह संयोग है सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का। यह शुभ योग भोलेनाथ के भक्तों के लिए कृपा, सुख-समृद्धि के अवसर लेकर आया है। ऐसा कहा जाता है कि, भोलेनाथ सिर्फ पूरे मन और श्रद्धा से की गई पूजा से ही प्रसन्न हो जाते हैं। आइए जानते हैं इन शुभ योग, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में...

पूजा विधि

- सावन के सोमवार का व्रत करने के लिए जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें।

- इसके बाद व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें।

- इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, - दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं।

- आप पूजा के दौरान सबसे सरल और शिव जी का मूल मंत्र "ऊँ नम: शिवाय", कर सकते हैं, जिसका जाप करने से हर प्रकार की समस्या से छुटकारा मिलता है।

महामृत्युंजय मंत्र

– ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   9 Aug 2026 1:30 PM IST

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