दैनिक भास्कर हिंदी: Race-3 Review: सलमान की ईदी नहीं आई दर्शकों को पसंद

September 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। ईद के मौके पर भाईजान यानी कि सलमान खान ने अपने फैन्स को ईदी है। ये ईदी है उनकी हालिया रिलीज फिल्म 'रेस-3'। ये फिल्म मल्टी स्टारर फिल्म है, जो कि साल 2008 में बनी फिल्म 'रेस' का दूसरा सीक्वल है। तो इए जानते हैं कि दर्शकों को भाईजान की ईदी कैसी लगी?

फिल्म : रेस-3
डायरेक्टर : रेमो डिसूजा
स्टार कास्ट : सलमान खान, अनिल कपूर, बॉबी देओल, साकिब सलीम, जैकलीन फर्नांडिस, डेजी शाह
जोनर : एक्शन ड्रामा
अवधि : 2 घंटा 39 मिनिट 
रेटिंग : 2 स्टार

निर्देशक परिचय 

फिल्म रेस-3 रेमो डिसूजा के निर्देशन में बनी फिल्म है। रेमो ने साल 2011 में आई फिल्म FALTU से निर्देशक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में खुद को स्थापित किया। जिसके बाद ABCD, ABCD-2 का भी निर्देशन किया और अब रेमो सलमान खान अभिनीत फिल्म रेस-3 लेकर मैदान में आए हैं।

कहानी 

फिल्म की कहानी एक परिवार पर आधारित है जिसमें शमशेर (अनिल कपूर) हथियारों का बहुत बड़ा सौदागर है। गल्फ कंट्री से इस परिवार की कहानी शुरू होती है। जहां शमशेर अपने बेटे सूरज (साकिब सलीम) और बेटी संजना (डेजी शाह) के साथ रहता है। ये तीनों मिलकर अपना हथियारों का बिजनेस संभालते हैं। उनके साथ ही हथियारों के बिजनेस को शमशेर का सौतेला बेटा सिकंदर (सलमान खान) भी देखता है। सिकंदर का करीबी यश (बॉबी देओल) है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब राणा (फ्रेडी दारुवाला) की एंट्री होती है, जो शमशेर सिंह के बिजनेस को तबाह करना चाहता है। कहानी में जेसिका (जैकलीन फर्नांडीस) का भी अलग किरदार है। ड्रग्स, हथियार, चेस सीक्वेंस और इलाहाबाद से गल्फ कंट्री तक का सफर शमशेर सिंह कैसे तय करता है, उसके पीछे की वजहें क्या होती हैं इसे जानने के लिए आपको सिनेमाघरों की ओर रुख करना होगा।

निर्देशन और पटकथा 

फिल्म का निर्देशन रेमो डिसूजा ने किया है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी काफी अच्छी है। बैंकॉक और आबूधाबी की लोकेशंस पर फिल्माई गई इस फिल्म के सीन्स आपको काफी पसंद आएंगे। वहीं 3डी एक्शन फाइट सीन्स ठीक-ठाक से ही हैं। फिल्म की कहानी में कोई लॉजिक नहीं है जिससे वो देखने में बोरिंग सी लगती है।

अभिनय और संगीत 

अभिनय की बात की जाए तो सलमान और अनिल अपने आप में लाजवाब हैं। लेकिन इतने लंबे अर्से के बाद फिल्मी दुनिया में वापस लौटने पर बॉबी कुछ खास कमाल नहीं पाए। साकिब सलीम ने अपने किरदार को केवल निभाया है। वहीं डेजी और जैकलीन की एक्टिंग में भी कोई खास दम देखने को नहीं मिला। बात की जाए फिल्म के संगीत की एक-दो को छोड़कर बाकी गाने फिल्म में जबरदस्ती ठूंसे हुए लगते हैं। खासकर सेल्फिश सॉन्ग तो समझ से परे है।

रेस और रेस-2 से क्या है अलग 

‘रेस’सीरीज की सबसे बड़ी खासियत उसका रोमांच था। पहली ‘रेस’ में अपने निजी स्वार्थों के आगे रिश्तों की बलि चढ़ा देने की कहानी को निर्देशक जोड़ी अब्बास-मस्तान ने काफी रोमांचक अंदाज में, सस्पेंस के साथ पेश किया था। ‘रेस 2’ अपने पहले भाग जैसा तो कमाल नहीं कर सकी, लेकिन अब्बास-मस्तान ने उसे बेजान नहीं होने दिया। अब उसके पांच साल बाद नए निर्देशक रेमो डीसूजा के निर्देशन में ‘रेस 3’ आई है। इस फिल्म में सलमान खान तो हैं, लेकिन वो मजा, वो सस्पेंस थ्रिलर नहीं है, इस सीरीज का ट्रेडमार्क था।

क्यों देखें फिल्म 

अगर आप सलमान खान के बहुत ज्यादा बड़े फैन हैं तो आप ये फिल्म देखने जा सकते हैं लेकिन अपनी रिस्क पर। या फिर आप अगर दो ढाई घंटे एयर कंडीशन की हवा में सोना चाहते हैं तो आप रेस-3 का आनंद उठा सकते हैं। हालांकि निर्माताओं ने आखिर में साफतौर पर सीक्वल की गुंजाइश छोड़ी है। ध्यान रहे कि यह फिल्म सिर्फ और सिर्फ सलमान के फैन्स के लिए है, जो दिल में आते हैं समझ में नहीं। बाकी दर्शक अपने रिस्क पर फिल्म देखने जाएं।