Exclusive Interview: यादों में बसे किरदार ही असली पहचान, मैं खुद को सफल कलाकार मानता हूं -राकेश बेदी

यादों में बसे किरदार ही असली पहचान, मैं खुद को सफल कलाकार मानता हूं -राकेश बेदी
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में तारक मेहता का उल्टा चश्मा ने एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। शो के 4700 एपिसोड पूरे होने जा रहे हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारतीय टेलीविजन के इतिहास में तारक मेहता का उल्टा चश्मा ने एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। शो के 4700 एपिसोड पूरे होने जा रहे हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इतने लंबे समय तक दर्शकों का प्यार बनाए रखना आसान नहीं, लेकिन इस शो ने हर बार अपनी सादगी और हास्य से लोगों के दिलों में जगह बनाई है। राकेश बेदी इन दिनों धुरंधर के अपने किरदार जमील जमाली को लेकर काफी सुर्खियां बटोर चुके हैं। चार दशकों से अधिक समय से दर्शकों को हंसी और संवेदनाओं का अनोखा मेल परोसने वाले राकेश बेदी आज भी अपने काम को उतनी ही ईमानदारी और जुनून के साथ करते हैं, जितना अपने करियर के शुरुआती दिनों में करते थे। इस खास मौके पर दैनिक भास्कर ने तारक मेहता के बॉस बाबूलाल यानी राकेश बेदी के साथ खास बातचीत की। राकेश बेदी ने अपने लंबे करियर, किरदारों की चुनौतियों और सफलता के असली मायनों पर खुलकर बात की।

यादों में बसे किरदार ही असली पहचान

राकेश बेदी कहते हैं, यह बात सही है कि धुरंधर के ‘जमील-जमाली’ को दर्शकों ने खूब प्यार दिया और वह किरदार आज भी उसके सीन और मिम्स पर लोग हंसते हैं, लेकिन मेरे लिए खुशी की बात यह है कि इसके अलावा भी कई ऐसे किरदार हैं, जो समय बीतने के बाद भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं। चाहे वो ‘चश्मे बद्दूर’ हो, ‘श्रीमान श्रीमती’ में निभाया गया दिलरुबा का किरदार हो या ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बाबूलाल बॉस, जिसे लोग मजाक में ‘दो सर वाला बॉस' भी कहते हैं, क्योंकि उसका मूड पल भर में बदल जाता है, इन सभी किरदारों को दर्शकों ने अपने-अपने अंदाज में अपनाया है। मेरे लिए सबसे खुशी की बात यह है कि इतने सालों बाद भी लोग इन भूमिकाओं को याद करते हैं, उनसे जुड़े संवाद और किस्से साझा करते हैं। एक कलाकार के तौर पर इससे बड़ी उपलब्धि और कोई नहीं हो सकती कि आपका काम वक्त के साथ फीका न पड़े, बल्कि लोगों की यादों में लगातार जिंदा रहे।

बॉस रोज नहीं लेकिन दमदार दिखते हैं

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में मेरे किरदार बाबूलाल की बात है, तो वह काफी पहले लिखा गया था। असित कुमार मोदी के साथ मैं पहले भी काम कर चुका हूं। उनके साथ मेरा रिश्ता नया नहीं है, हमने ‘हम सब एक हैं’ से साथ काम करना शुरू किया था और तब से लेकर आज तक एक मजबूत जुड़ाव के साथ काम कर रहे हैं। तारक मेहता का उल्टा चश्मा के शो में आपको हर किरदार जरुरी लगेगा। मैं भले रोजाना आपको शो में ना दिखूं लेकिन यही इस शो की खूबी है कि जब भी मेरा एपिसोड आएगा आपको लगेगा मैं इसका अहम हिस्सा हूं। मैंने हमेशा यह देखा है कि असित अपने हर प्रोजेक्ट में हर किरदार को उसकी पूरी पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं। वे खुद हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया में शामिल रहते हैं, चाहे वह स्क्रिप्ट हो, कॉस्ट्यूम की बारीकियां हों या रीडिंग सेशन।

अभिनय छोड़ने का ख्याल कभी नहीं आया

मैं 4 दशक से ज्यादा समय से अभिनय में सक्रिय हूं। मैंने इंडस्ट्री में भी काफी उतार चढ़ाव देखा है कई मुश्किलें आईं लेकिन 40 साल के लंबे सफर में मैंने कभी अभिनय छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। क्योंकि यही एक काम है जो मुझे अच्छी तरह से आता था। मेरे लिए हर दौर में कुछ नया सीखना और अलग-अलग लोगों के साथ काम करना ही मेरी जर्नी को खास बनाता रहा है।

मेरी नजर में मैं सफल

जब धुरंधर से मुझे पहचान मिली तो लोगों ने कहा कि मुझे सफलता के लिए लंबा इन्तजार करना पड़ा जबकि ऐसा नहीं है मेरे दर्शकों द्वारा पहचाना जाना और मेरे काम को याद रखा जाना ही मेरी सक्सेस है । सफलता जल्दी या देर से मिलने से ज्यादा जरूरी है कि आपका काम लोगों के दिलों में जगह बनाए। आज भी जब लोग मेरे पुराने किरदारों का जिक्र करते हैं, तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

असित मोदी ने शो के बारे क्या कहा

साल 2008 में शुरू हुए शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा को लेकर इसके निर्माता असित कुमार मोदी कहते हैं, तारक मेहता का उल्टा चश्मा के 4700 एपिसोड पूरे होना हमारे लिए बेहद खास पल है। यह सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और दर्शकों के अटूट प्यार का प्रतीक है। इतने लंबे समय तक किसी शो को लगातार पसंद किया जाना आसान नहीं होता, लेकिन हमने हमेशा कोशिश की कि हर एपिसोड में कुछ नया और परिवार के साथ देखने लायक कंटेंट दिया जाए। इसके कंटेंट के लिए हम कोई काल्पनिक कहानी तैयार नहीं करते बल्कि यह हमरे आसपास के किस्से ही होते हैं। हम सब पहले मिलकर एक मीटिंग करते हैं और सभी साथ बैठकर कहानियों को साझा करते हैं और उसमे से एक अच्छी कहानी निकालकर एपिसोड बनाते हैं लेकिन हमारा एक रूल है कि उसमे कभी भी कोई नेगटिव कहानी नहीं होने चाहिए। यही इस शो का मूल मंत्र है।

जारी रहेगा शो

असित मोदी ने बताया कि शो तब तक जारी रहेगा जब तक दर्शक इसे पसंद करेंगे। मुझ पर कई बार कई आरोप लगे लेकिन मैं उसका असर शो पर कभी पड़ने नहीं देता। चेहरे आएंगे और जायेंगे लेकिन किरदार जिन्दा रहना चाहिए। जब तक सबको चहचाजी, पोपटलाल, जेठलाल , बापूजी, टप्पू या भिड़े पसंद आएंगे मैं शो बनाता रहूंगा।

Created On :   6 May 2026 5:56 PM IST

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