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Fake news: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल से हटाया 'BJP', जानें वायरल स्क्रीनशॉट का सच

Fake news: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल से हटाया 'BJP', जानें वायरल स्क्रीनशॉट का सच

डिजिटल डेस्क। कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल हुए दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर प्रोफाइल के बायो से 'BJP' हटा दिया है। इसकी जगह पर उन्होंने जनता का सेवक (पब्लिक सर्वेंट) और क्रिकेट प्रेमी लिखा है। बीते 2 दिनों से इस तरह की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर लोग यह दावा भी कर रहे हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया BJP छोड़ रहे हैं। 

किसने किया शेयर?
कई ट्विटर यूजर ने ज्योतिरादित्य के ट्विटर बायो का स्क्रीनशशॉट शेयर कर यह दावा किया कि सिंधिया किसी भी वक्त BJP छोड़ सकते हैं। उन्होंने अपनी ट्विटर बायो से BJP का नाम भी हटा दिया है। 

क्या है सच?  
बता दें कि सिंधिया ने अपनी ट्विटर बायो में कभी BJP लिखा ही नहीं था। इस आधार पर ज्योतिरादित्य के ट्विटर बायो का स्क्रीनशशॉट शेयर कर बायो से 'BJP' हटाने का जो दावा किया जा रहा है वो सरासर गलत है। सोशल मीडिया पर जो स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, उनमें कोई भी ऐसा स्क्रीनशशॉट नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि सिंधिया ने पहले अपनी बायो पर BJP लिखा था।

वहीं सिंधिया की ट्विटर प्रोफाइल पिक में आप उनकी फोटो देख सकते हैं। इस फोटो में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का गमछा पहना हुआ है। यह गमछा सिंधिया ने पार्टी ज्वॉइन करते समय ही धारण किया था। यदि सिंधिया को ट्विटर के जरिए यह बताना होता कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं तो वे अपनी ट्विटर प्रोफाइल से भाजपा के गमछे वाली तस्वीर भी हटाते। वहीं सिंधिया ने 6 जून की दोपहर को खुद ट्वीट कर इन खबरों को गलत ठहराया है। उन्होंने लिखा, सत्य के मुकाबले झूठी खबरें ज्यादा तेजी से फैलती हैं। 

इससे पहले 6 जून की सुबह सिंधिया ने एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव के लिए चुने गए भाजपा प्रभारीयों को बधाई दी है। वहीं इससे पहले सिंधिया ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किए गए एक ट्वीट को रीट्वीट भी किया। तो इन सब बातों से यह तो साफ है कि, सिंधिया ने अब तक BJP का साथ नहीं छोड़ा है। 

निष्कर्ष : 
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर बायो में कभी BJP लिखा ही नहीं था। ऐसे में उनकी ट्विटर प्रोफाइल के आधार पर उनके पार्टी छोड़ने वाली खबरें सरासर गलत हैं। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।