दैनिक भास्कर हिंदी: #gadget alert,पेनड्राइव खरीदते समय रखें इन पांच बातों का ध्यान

August 27th, 2017

डिजिटल डेस्क,भोपाल। जब भी हम कोई गैजेट खरीदने जाते है तो उसकी खूब पूछताछ करते हैं। नेट पर उस गैजेट की कई जानकारियां इकट्ठा करते हैं, लेकिन पेनड्राइव को छोटी-मोटी चीज समझ कर कई बातें नजरअंदाज कर जाते हैं जिससे बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

पेनड्राइव कोई आम गैजेट नहीं रोजमर्रा की जिंदगी में आए दिन ही इसकी जरुरत पड़ती है। चाहे वो अपने पीसी में ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टाल करने की बात हो या जरुरी फाइल्स के बैकअप लेना हो। पेनड्राइव एक जरूरी गैजेट है। इसलिए इसे खरीदते वक्त 5 चीजों का जरूर ध्यान रखना चाहिए।

सबसे पहली चीज है यूएसबी पोर्ट-

आप जब भी पेनड्राइव लें। तो उसके लिखे फीचर्स में यूएसबी रेटिंग जरूर देखें की वह 2.0 है या 3.0 सामान्यतः 3.0 पोर्ट नीले रंग का होता है। 2.0 और 3.0 में फर्क डेटा के ट्रांसफर रेट का होता है। अगर सिस्टम और पेनड्राइव दोनों ही पोर्ट 3.0 फीचर होगा तब ही आपको 3.0 की हाई ट्रांसफर डेटा रेट मिलेगा और आप फाइल्स को तेज़ी से ले और दे सकेंगे।

ब्रांड का नाम देख कर ही लें पेनड्राइव

अक्सर हम देखतें है कि दो एक जैसे स्पेसिफिकेशन्स वाली पेनड्राइव की स्पीड अलग-अलग होती है और उनके दाम में भी फर्क होता है। ऐसा सिर्फ इसलिए है कि बड़ी और नामी कंपनियां बेहतर कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करती हैं। इन डिवाइसों की परफॉरमेंस तो अच्छी होती ही है, साथ ही साथ ये लंबे समय तक चलतें भी हैं।

ड्यूल ड्राइव के ऑपशन देखें

पेनड्राइव का एक और बेहतर विकल्प है ड्यूल ड्राइव। इसमें आपको डिवाइस के एक तरफ सामान्य यूएसबी पोर्ट मिलता है और दूसरी तरफ एंड्राइड फ़ोन्स से कनेक्ट होने वाला माइक्रो यूएसबी या फिर यूएसबी सी-पोर्ट मिल जाता है। जो आपके फ़ोन और पीसी दोनों के लिए काम करता है।

मॉडल साइज पर गौर करें

जरुरी नहीं है कि पतली पेनड्राइव बेहतर ही हो, इसलिए कोशिश करें की अच्छी कंपनी की थोड़ी मोटी पेनड्राइव ही लें।

प्राइवेसी के लिए नई तकनीक का रखें ध्यान

अगर आप अपनी प्राइवेसी से समझौता नहीं करते और अपनी पेनड्राइव में जरुरी और सिक्योर डेटा लेकर चलातें हैं, तो ऐसे में आपको नई तकनिकी वाले फिंगरप्रिंट फ़्लैश ड्राइव का इस्तेमाल करना चाहिए, जो सिर्फ आपके फिंगरप्रिंट के निशान से ही खुलेगी।

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