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बीते 4 साल लॉन्य 92 फीसदी आइफोन अब आईओएस 13 पर चल रहे

June 21st, 2020 16:31 IST
 बीते 4 साल लॉन्य 92 फीसदी आइफोन अब आईओएस 13 पर चल रहे

हाईलाइट

  • बीते 4 साल लॉन्य 92 फीसदी आइफोन अब आईओएस 13 पर चल रहे

सैन फ्रांसिस्को, 21 जून (आईएएनएस)। एप्पल ने अपने आईओएस डिवाइस के आंकड़े जारी किए। इसमें आईओएस 13 भी शामिल है, जिससे पता चलता है कि वर्तमान अपडेट, अब पिछले चार वर्षों में पेश किए गए सभी आईफोन के 92 प्रतिशत फोन में इंस्टाल्ड है।

पिछले चार वर्षों में रिलीज किए गए फोन में 7 फीसदी आईओएस 12 और 2 फीसदी आईओएस के वर्जन में चल रहे हैं।

सभी आईफोन सहित, जो चार साल के पहले से रिलीज हुए हैं, उनमें 81 प्रतिशत डिवाइस में आईओएस 13 इंस्टाल्ड है, जबकि 13 प्रतिशत में आईओएस 12 और 6 प्रतिशत डिवाइस में आईओएस का पुराना वर्जन इंटाल्ड है।

पिछले 4 वर्षों में पेश किए गए सभी आईपैड में से लगभग 93 प्रतिशत डिवाइस में आईपैडओएस सपोर्ट करता है। वहीं 5 प्रतिशत में आईओएस 12 और 1 प्रतिशत आईपैड पुराना आईओएस वर्जन द्वारा संचालित है।

सभी आईपैड के 73 प्रतिशत डिवाइस में अभी भी आईपैडओएस चल रहा है, वहीं 16 प्रतिशत में आईओएस 12 और 11 प्रतिशत में पुराना आईओएस से चलता है।

सितंबर 2019 में आईफोन 11 और आईफोन 11 प्रो में आईओएस 13 अपडेट किया गया है।

आईफोन डब्लूडब्लूडीसी 2020 इवेंट के दौरान सोमवार को आईओएस14 ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट कर सकता है।

डब्लूडब्लूडीसी 2020 वर्चुअल तरीके से अपने 23 मिलियन ग्लोबल एप्पल डेवलपर कम्युनिटी 22 जून से 26 जून को इवेंट में भाग लेंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।