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देश में 24 घंटे में करीब 16 हजार कोविड मामले, तमिलनाडु से आगे हुई दिल्ली

June 24th, 2020 11:30 IST
 देश में 24 घंटे में करीब 16 हजार कोविड मामले, तमिलनाडु से आगे हुई दिल्ली

हाईलाइट

  • देश में 24 घंटे में करीब 16 हजार कोविड मामले, तमिलनाडु से आगे हुई दिल्ली

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के लगभग 16 हजार ताजा मामले दर्ज हुए और इस दौरान 465 लोगों की मौत हुई। इसके बाद बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में कुल मामलों की संख्या 4.5 लाख से ज्यादा हो गई है।

भारत ने 15,968 नए मामलों का अब तक सबसे ऊंचा एक-दिवसीय रिकॉर्ड दर्ज किया, इससे अब तक कुल संख्या बढ़कर 4,56,183 पहुंच गई। इससे पहले मंगलवार को 14,933 नए कोविड-19 मामले सामने आए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोविड से अब तक 14,476 लोग मर चुके हैं।

वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 1,83,022 है और ठीक हुए रोगियों की संख्या 2,58,685 है। कोविड-19 से ठीक होने वाले रोगियों की संख्या में वृद्धि जारी है।

कोविड-19 रोगियों के बीच रिकवरी दर में सुधार होकर अब लगभग 56.38 प्रतिशत हो गया है।

सरकारी प्रयोगशालाओं की संख्या 726 हो गई है और निजी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 266 हो गई है, जो कुल 992 है।

भारत ने पिछले 24 घंटों में 2,15,195 लोगों पर कोविड-19 परीक्षण किए।

महाराष्ट्र 1,39,010 मामलों के साथ सबसे खराब स्थिति वाला राज्य रहा, जिसमें अब तक 6,531 मौतें भी शामिल थीं।

दूसरे सबसे अधिक मामलों वाला राज्य अब दिल्ली बन गया है, जिसने तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है।

राष्ट्रीय राजधानी में 66,602 मामले हैं और 2,301 मौतें हुईं और तमिलनाडु में 833 मौतों के साथ 64,603 मामले दर्ज किए गए।

10 हजार से अधिक मामलों वाले राज्यों में गुजरात में 28,371 मामले आए और 1,710 मौतें हुईं। इसके बाद संक्रमण के मामलों में उत्तर प्रदेश (18,893), राजस्थान (15,627), मध्य प्रदेश (12,261), पश्चिम बंगाल (14,728) और हरियाणा (11,520) हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।