comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दिल्ली में 5776 लगों की कोरोना जांच, 2134 संक्रमित निकले

June 14th, 2020 01:00 IST
 दिल्ली में 5776 लगों की कोरोना जांच, 2134 संक्रमित निकले

हाईलाइट

  • दिल्ली में 5776 लगों की कोरोना जांच, 2134 संक्रमित निकले

नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में बीते 24 घंटों के दौरान 5776 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिनमें से 2134 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यानी एक दिन दिन में किए गए कुल कोरोना टेस्ट में 35 प्रतिशत से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। 24 घंटे के दौरान दिल्ली में कोरोना से 57 व्यक्तियों की मौत भी हो गई।

शनिवार शाम जारी कोरोना बुलिटिन में दिल्ली सरकार ने कहा कि 24 घंटे के दौरान 2134 नए कोरोना पॉजिटिव केस आए हैं। इसके बाद दिल्ली में कोरोना रोगियों की कुल संख्या 38,958 हो गई हैं। 24 घंटे के दौरान ही दिल्ली में 1547 कोरोना रोगी स्वस्थ भी हुए हैं। अभी तक 14,945 कोरोना रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं दिल्ली में अभी भी 22,742 एक्टिव कोरोना रोगी हैं।

शनिवार को दिल्ली में कोरोना के 57 और रोगियों की मौत के बाद दिल्ली में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1271 हो गई।

दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण यहां कोरोना हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या बढ़कर 222 हो चुकी है।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, 19,535 कोरोना रोगियों को उनके घरों में ही आइसोलेशन में रहने को कहा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की रोकथाम और उसके बचाव को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, मेडिकल इमरजेंसी के लिए बनाई गई एंपावर्ड कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर वी. पाल और आईसीएमआर के डीजी भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री द्वारा ली गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद अब गृहमंत्री दिल्ली में कोरोना की रोकथाम के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत एमसीडी के तीनों मेयर और अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मुताबिक, जुलाई के अंत तक दिल्ली में कोरोना के लगभग साढ़े पांच लाख रोगी होंगे। इतनी बड़ी संख्या में रोगियों के उपचार एवं बेड की आवश्यकता को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार दिल्ली के विभिन्न स्टेडियमों में बेड लगाएगी।

कमेंट करें
5iQMG
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।