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दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव 70 हजार के पार, 2365 लोगों की मौत

June 24th, 2020 19:31 IST
 दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव 70 हजार के पार, 2365 लोगों की मौत

हाईलाइट

  • दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव 70 हजार के पार, 2365 लोगों की मौत

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या 70 हजार से अधिक हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान ही दिल्ली में 3788 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हीं 24 घंटों में दिल्ली के अंदर कोरोना वायरस से 64 व्यक्तियों की मृत्यु भी हुई है।

दिल्ली कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गृह विभाग के प्रिंसिपल सेकट्ररी होम बीएस भल्ला को राजधानी में कोरोना मैनेजमेंट के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया।

दिल्ली सरकार ने कहा, दिल्ली में कोरोना वायरस से अभी तक 2365 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। कुल 70,390 व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इन कोरोना रोगियों में से अभी तक 41,437 रोगी स्वस्थ हुए हैं। बीते 24 घंटे के दौरान ही 2124 कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं। दिल्ली में फिलहाल 26,588 एक्टिव कोरोना संक्रमित व्यक्ति हैं। इनमें से 14,844 रोगियों का उपचार उनके घर पर ही किया जा रहा है। इन सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है।

दिल्ली के अंदर बीते 24 घंटे के दौरान 19059 कोरोना टेस्ट किए गए। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना हॉटस्पॉट की संख्या बढ़कर 266 हो गई है। मंगलवार तक यह संख्या 261 थी।

कोरोना रोगियों के उपचार को लेकर दिल्ली सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। इसमें कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को क्वारंटाइन सेंटर में जाकर चेकअप कराने का नियम वापस लेने की मांग की गई है।

दिल्ली सरकार का मानना है कि स्वयं प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित व्यक्ति के घर जाकर उसका चेकअप करें। दिल्ली सरकार ने यह नियम लागू करने के लिए उपराज्यपाल से दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक बुलाने की मांग भी की है।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मनीष सिसोदिया ने कहा, यह कैसा नियम है जिसके तहत कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो उसे खुद क्वॉरंटाइन सेंटर में जाना होगा। यदि वह नहीं गया तो पुलिस उसे लेकर जाएगी ऐसे नियम से लोगों में काफी भय व्याप्त है। दिल्ली में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें क्वॉरंटाइन सेंटर पर जाकर लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ेगा। जहां उनकी तबीयत और खराब होगी साथ ही अन्य लोग भी संक्रमित होंगे।

-- आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।