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कोविड-19 : राधा स्वामी परिसर में बनाए 200 बड़े हॉल और 10 हजार बेड

June 17th, 2020 13:00 IST
 कोविड-19 : राधा स्वामी परिसर में बनाए 200 बड़े हॉल और 10 हजार बेड

हाईलाइट

  • कोविड-19 : राधा स्वामी परिसर में बनाए 200 बड़े हॉल और 10 हजार बेड

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। दक्षिण दिल्ली स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास परिसर में 10 हजार बेड का कोरोना अस्पताल बनाया गया है। कोरोना रोगियों को भर्ती करने के लिए यहां 200 बड़े हॉल बनाए जा रहे हैं। यहां 22 फुटबॉल मैदान के बराबर इलाके में कोरोना रोगियों के लिए बेड लगाए गए हैं।

कोरोना रोगियों के उपचार के साथ-साथ परिसर के एक हिस्से में डाक्टरों के आवास की व्यवस्था की जाएगी। राधा स्वामी सत्संग परिसर में 1700 फीट की लंबाई व सात सौ फीट की चौड़ाई के दो सौ बड़े हाल बनाए जा रहे हैं।

प्रत्येक हाल में कोरोना के पचास रोगियों का उपचार होगा व उनके लिए बेड की व्यवस्था की जाएगी। राजधानी का यह सबसे बड़ा कोरोना अस्पताल बनेगा। राज निवास के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यहां सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।

सत्संग व्यास से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा, यह परिसर कोरोना रोगियों के उपचार हेतु तीस जून तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। यह टेंट से निर्मित हो रहा। इसमें पर्याप्त रोशनी व पंखे की व्यवस्था होगी। साथ ही प्रत्येक पंडाल में कूलर लगाए जाएंगे।

रविवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने यहां स्थित राधा स्वामी सत्संग का दौरा किया। इस दौरान उपराज्यपाल को यहां स्थापित की जाने वाली सुविधाओं की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अगले एक हफ्ते में कोरोना संकट से निपटने के लिए 20 हजार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। इसके लिए दिल्ली के 40 छोटे-बड़े होटल में करीब 4 हजार कोविड बेड बनाए जाएंगे।

दिल्ली सरकार ने मंगलवार को जारी किए गए कोरोना बुलेटिन में कहा, दिल्ली में कोरोना से मरने वाले व्यक्तियों की संख्या 1837 हो चुकी है। 1859 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने वाले लोगों की कुल संख्या 44,688 हो गई है। अभी तक इनमें से 16,500 कोरोना रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। दिल्ली में इस समय कुल 25 हजार से अधिक एक्टिव कोरोना रोगी हैं।

23,515 कोरोना रोगी अपने घरों में ही हैं। दिल्ली सरकार का दावा है कि फोन कॉल के जरिए इन कोरोना रोगियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।