comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोविड-19 : वैश्विक आंकड़ा 67 लाख के पार, 3.94 लाख मौतें

June 06th, 2020 11:30 IST
 कोविड-19 : वैश्विक आंकड़ा 67 लाख के पार, 3.94 लाख मौतें

हाईलाइट

  • कोविड-19 : वैश्विक आंकड़ा 67 लाख के पार, 3.94 लाख मौतें

वाशिंगटन, 6 जून (आईएएनएस)। कोरोनावायरस से संक्रमित हुए लोगों का वैश्विक आंकड़ा बढ़कर 67 लाख के पार पहुंच चुका है। वहीं, महामारी की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 3 लाख 94 हजार से अधिक हो गई है। अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने यह जानकारी दी है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने नवीनतम आंकड़े जारी कर कहा, दुनियाभर में शनिवार सुबह तक कुल 67 लाख 31 हजार 824 लोग कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए, जिनमें से मरने वालों की संख्या 3 लाख 94 हजार 787 रही।

सीएसएसई ने कहा कि दुनिया में महामारी से संक्रमित हुए और इससे मरने वालों लोगों की संख्या अमेरिका में सबसे अधिक है।

कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका में कुल 1 लाख 9 हजार 127 मौतों के साथ ही संक्रमण के सर्वाधिक 18 लाख 97 हजार 239 मामले दर्ज किए गए हैं।

कोविड-19 संक्रमण के 6 लाख 14 हजार 941 मामलों के साथ ब्राजील इसके बाद दूसरा सबसे प्रभावित देश है, जबकि रूस 4 लाख 49 हजार 256 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।

वहीं, 2 लाख 84 हजार 734 मामलों के साथ ब्रिटेन, 2 लाख 40 हजार 978 मामलों के साथ स्पेन, 2 लाख 36 हजार 184 मामलों के साथ भारत, 2 लाख 34 हजार 531 मामलों के साथ इटली, 1 लाख 90 हजार 180 मामलों के साथ फ्रांस, 1 लाख 87 हजार 400 मामलों के साथ पेरू, 1 लाख 84 हजार 924 मामलों के साथ जर्मनी, 1 लाख 68 हजार 340 मामलों के साथ तुर्की, 1 लाख 67 हजार 156 मामलों के साथ ईरान, 1 लाख 22 हजार 499 मामलों के साथ चिली और 1 लाख 10 हजार 26 मामलों के साथ मेक्सिको महामारी से अन्य सबसे अधिक प्रभावित हुए देशों में शामिल हैं।

सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक मौतों के आंकड़े की बात की जाए, तो अमेरिका के बाद कुल 40 हजार 344 मौतों के साथ ब्रिटेन दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, यूरोपीय देशों में यह आंकड़ा सर्वाधिक है।

महामारी के चलते हुई 10 हजार से अधिक मौतों वाले अन्य देशों में 34 हजार 21 मौतों के साथ ब्राजील, 33 हजार 774 मौतों के साथ इटली, 29 हजार 114 मौतों के साथ फ्रांस, 27 हजार 134 मौतों के साथ स्पेन और 13 हजार 170 मौतों के साथ मेक्सिको शामिल हैं।

कमेंट करें
q748Q
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।