comScore

कोविड-19 : भारत में आंकड़ा 2 लाख के पार, 9 हजार के पास दैनिक मामले

June 03rd, 2020 13:30 IST
 कोविड-19 : भारत में आंकड़ा 2 लाख के पार, 9 हजार के पास दैनिक मामले

हाईलाइट

  • कोविड-19 : भारत में आंकड़ा 2 लाख के पार, 9 हजार के पास दैनिक मामले

नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। भारत में लगभग 9 हजार नए मामलों के साथ ही कोरोनावायरस महामारी से संक्रिमत हुए लोगों का आंकड़ा बढ़कर दो लाख सात हजार के पार पहुंच गया है, वहीं मरने वालों की संख्या भी पांच हजार के पास पहुंच गई है।

केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय ने बुधवार को नवीनतम आंकड़े जारी करते हुए कहा, देश में पिछले 24 घंटों में 8 हजार 909 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद से यहां कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा बढ़कर 2 लाख 7 हजार 615 हो गया है। वहीं, कुल 217 नई मौतें दर्ज की गईं हैं।

विश्व में कोरोनावायरस संक्रमण से प्रभावित हुए देशों की सूची में भारत का स्थान अब सातवां हो गया है। इस सूची में भारत केवल इटली से सिर्फ 25 हजार मामले पीछे है।

सामने आए कुल मामलों में से 1 लाख 01 हजार 497 लोग वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण से ग्रस्त हैं, जबकि उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए 1 लाख 303 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। देश में महामारी की चपेट में आकर 5 हजार 815 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

देश में महामारी के संदर्भ में रिकवरी रेट 48.31 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत।

देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक कुल 72 हजार 300 मामलों के साथ महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित है। इसके बाद 24 हजार 586 मामलों के साथ तमिलनाडु और 22 हजार 132 मामलों के साथ दिल्ली का स्थान है।

महाराष्ट्र में ही सबसे अधिक मौतें हुईं हैं। राज्य में महामारी के कारण 2 हजार 465 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद गुजरात, दिल्ली और मध्य प्रदेश में क्रमश: 1 हजार 92, 556 और 364 मौतें हुईं हैं।

पांच हजार से अधिक मामलों की रिपोर्ट करने वाले राज्य मध्य प्रदेश (8 हजार 420), राजस्थान (9 हजार 373), उत्तर प्रदेश (8 हजार 361) और पश्चिम बंगाल (6 हजार168) शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत कोविड-19 महामारी के पीक केसेज (अधिक मामलों) से बहुत दूर है। आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) की अधिकारी निवेदिता गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम महामारी के पीक (शिखर) से बहुत दूर हैं। बीमारी पर अंकुश लगाने के हमारे निवारक उपाय बहुत प्रभावी हैं और हम अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। हफ्ते भर में आपको डेटा देखने को मिलेगा।

आईसीएमआर के अनुसार, भारत में अब तक 41 लाख 3 हजार 233 टेस्ट किए जा चुके हैं और अकेले पिछले 24 घंटों में 1 लाख 37 हजार 158 नमूनों की जांच की गई है।

कमेंट करें
domcB
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।